मेघाहातुबुरू में बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना, हो भाषा व सरना धर्म कोड की मांग उठी
झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मेघाहातुबुरू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर आलोचना की, और पुलिस के कार्यों पर सवाल उठाए। इसके साथ ही, आदिवासी समाज ने हो भाषा और धर्म कोड को संविधान में शामिल करने की मांग की।
गुवा। झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मेघाहातुबुरू स्थित सेल गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, अवैध बालू खनन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस अपराध नियंत्रण के बजाय अवैध कारोबार पर ध्यान दे रही है। मरांडी ने पश्चिमी सिंहभूम में डीएमएफटी फंड में अनियमितता की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा सहित भाजपा के कई नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी हो समाज युवा महासभा ने गोपी लागुरी के नेतृत्व में बाबूलाल मरांडी को ज्ञापन सौंपकर हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा सरना धर्म कोड लागू करने की मांग उठाई।
ज्ञापन में इन मुद्दों पर केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की गई।


