खनिज संपदा कानून के खिलाफ झामुमो की प्रखंड स्तरीय बैठक
झामुमो प्रखंड कमेटी ने सरिया मंडल धर्मशाला में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खनिज संसाधनों पर सेस से संबंधित कानून के खिलाफ बैठक आयोजित की। नेताओं ने कहा कि यह कानून झारखंड के हितों के खिलाफ है और इससे राज्य के विकास योजनाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सरिया। झामुमो प्रखंड कमेटी सरिया की ओर से सरिया मंडल धर्मशाला में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के खनिज संसाधनों पर सेस (रॉयल्टी) से संबंधित लाए गए कानून के विरोध में बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष अशोक मंडल ने की, जबकि संचालन कृष्णमुरारी पांडेय ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के बगोदर विधानसभा नेता त्रिभुवन मंडल, पर्यवेक्षक मनोज सिंह एवं मोहम्मद बरकत अली उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यवेक्षक बरकत अली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्यों को अपने प्राकृतिक संसाधनों के बदले केंद्र से मिलने वाले सेस एवं रॉयल्टी पर अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाया गया कानून झारखंड के हितों के विपरीत है। इससे राज्य के वर्तमान विकास कार्यों के साथ-साथ भविष्य की योजनाएं भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका असर राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी मंईयां सम्मान योजना पर भी पड़ने की आशंका है। झामुमो जिला उपाध्यक्ष त्रिभुवन मंडल ने केंद्र सरकार के कानून को झारखंड के लिए काला कानून बताते हुए कहा कि देश के कुल खनिज संसाधनों में झारखंड की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों से मिलनेवाला राजस्व झारखंड के विकास और यहां के लोगों के भविष्य से जुड़ा है। यदि इस अधिकार को कमजोर किया गया तो राज्य की अस्मिता और आर्थिक हित प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि कानून के खिलाफ पार्टी को जितना बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा, कार्यकर्ता उतना ही मजबूती से आंदोलन करेंगे। मनोज सिंह ने कहा कि हमलोग केंद्रीय समिति के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं आंदोलन सड़क से सदन तक होगी। बैठक में पार्टी संगठन की मजबूती, जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन को धार देने तथा अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने पर भी चर्चा की गई। मौके पर अशोक मंडल, केदार दास, निर्मल पंडित, सलामत अंसारी, सुरेंद्र मंडल, अजय कुमार, भोला राणा, बासुदेव यादव, भागीरथ यादव, मनोज, पवन मंडल, मो. काजी, बलदेव विश्वकर्मा, दीपन मंडल, मनोज मंडल, गिरधारी पासवान, किसन सोरेन, किशोर सोरेन समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।


