95% उपभोक्ताओं की हुई रिकॉर्ड बिलिंग, अब जुलाई में 100% लक्ष्य
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने जून 2026 में 95% बिजली उपभोक्ताओं की रिकॉर्ड बिलिंग कर नया रिकॉर्ड बनाया है। कुल 55,97,117 उपभोक्ताओं में से 52,95,689 के बिल जारी किए गए। निगम ने जुलाई में 99 से 100 प्रतिशत बिलिंग का लक्ष्य रखा है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर बिल मिलने और लेट फीस से बचने में सहायता मिलेगी।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने जून 2026 में राज्य के 95% बिजली उपभोक्ताओं की रिकॉर्ड बिलिंग कर नया रिकॉर्ड बनाया है। नगर निगम के अनुसार राज्य में कुल 55,97,117 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 52,95,689 उपभोक्ताओं का बिजली बिल जारी किया गया। वहीं, जून में 468.52 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली भी की गई। झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी सह जेबीवीएनएल के एमडी के श्रीनिवासन ने उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने और बिलिंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए शत प्रतिशत बिलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यह उपलब्धि आम उपभोक्ताओं के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि समय पर बिजली बिल मिलने से गलत या एकमुश्त बिल की समस्या कम होगी, उपभोक्ता समय पर भुगतान कर सकेंगे और विलंब शुल्क से भी बचेंगे। साथ ही निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत होने से बिजली व्यवस्था में सुधार और नए निवेश का रास्ता भी खुलेगा。
बिलिंग प्रतिशत बढ़ाने के उपाय
निगम ने बताया कि बिलिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए कई प्रशासनिक कदम उठाए गए। हर सप्ताह मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक और अन्य अधिकारियों की बिलिंग एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। एजेंसियों को साप्ताहिक लक्ष्य दिया गया तथा जिन ऊर्जा मित्रों का भुगतान लंबित था, उनका भुगतान सुनिश्चित कराया गया। इसके अलावा फील्ड स्तर पर अभियंताओं द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की गई, जिससे बिलिंग में तेजी आई।
जुलाई में शत प्रतिशत बिलिंग का लक्ष्य
अब निगम ने जुलाई में 99 से 100 प्रतिशत बिलिंग और 500 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व वसूली का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सभी फील्ड अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने और हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा
हर महीने समय पर बिजली बिल मिलेगा।
औसत या एकमुश्त बिल की शिकायतें कम होंगी।
समय पर भुगतान करने पर लेट फीस से बचाव होगा।
बिलिंग व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
निगम की आय बढ़ने से बिजली आपूर्ति और रखरखाव कार्यों पर अधिक निवेश संभव होगा।
यह अभियान बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ उपभोक्ता सेवाओं में सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


