भाजपा को निवेश प्रक्रिया की समझ का अभाव : विनोद पांडेय

हिन्दुस्तान, रांची
Follow us on Google News
share

झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीतिक हताशा बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विभिन्न कंपनियों ने झारखंड में निवेश की इच्छा जताई है। भाजपा की आलोचना करते हुए पांडेय ने कहा कि यह प्रक्रिया निवेश को अंतिम रूप देने की औपचारिक प्रक्रिया है।

भाजपा को निवेश प्रक्रिया की समझ का अभाव : विनोद पांडेय

रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को तथ्यों से परे और राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा स्वयं को विश्व की सबसे बड़ी और सबसे ज्ञानवान राजनीतिक पार्टी बताती है, लेकिन उसके नेताओं को निवेश आकर्षित करने और उसे धरातल पर उतारने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं होना आश्चर्यजनक है। जनता को गुमराह करने का प्रयास करने से पहले भाजपा नेताओं को यह समझना चाहिए कि लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) और एमओयू दो अलग-अलग चरण होते हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नेतृत्व

महासचिव पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में फरवरी 2026 में दावोस और यूके दौरे के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने झारखंड में निवेश की इच्छा जताते हुए लेटर ऑफ इंटेंट सौंपे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रांची में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इच्छुक कंपनियों के साथ आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर निवेश को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।

निवेश प्रक्रिया के चरण

इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय हितधारक परामर्श-2026 के दौरान संबंधित कंपनियों के साथ औपचारिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह निवेश प्रक्रिया का अगला और महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, वैधानिक स्वीकृतियां, भूमि आवंटन, पर्यावरणीय मंजूरी तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, ताकि निवेश वास्तविक परियोजनाओं में बदल सके। भाजपा जिस प्रक्रिया को “री-पैकेजिंग” बता रही है, वह वास्तव में निवेश को अंतिम रूप देने की स्वाभाविक और स्थापित औद्योगिक प्रक्रिया है।

जिंदल न्यूक्लियर पावर परियोजना

जिंदल न्यूक्लियर पावर परियोजना पर उठाए गए सवालों पर पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम भारत सरकार के न्यूक्लियर शांति एक्ट के तहत उठाया जा रहा है। क्या प्रदेश भाजपा की राजनीतिक महत्वकांक्षा इतनी बढ़ गई है कि अब वह भारत सरकार की नीतियों को नजरअंदाज कर रही है?

नौकरी और विकास की मुख्यधारा

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट विजन झारखंड को औद्योगिक निवेश, पर्यटन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), हरित ऊर्जा और आधुनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है। सरकार उसी दिशा में लगातार काम कर रही है। पांडेय ने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से 70 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। यही बात भाजपा को परेशान कर रही है। भाजपा नहीं चाहती कि झारखंड का युवा रोजगार, उद्योग और विकास की मुख्यधारा से जुड़े। उसे डर है कि जब युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य मिलेंगे, तब उसकी नकारात्मक राजनीति स्वतः समाप्त हो जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

✦भाजपा पर आरोप क्यों लगाए गए हैं?−
झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों को तथ्यों से परे और राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है।
Satyadev Yadav

लेखक के बारे में

Satyadev Yadav

शॉर्ट बायो: सत्यदेव यादव पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान‘ में झारखंड के स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं।


परिचय एवं अनुभव
सत्यदेव यादव हिंदी पत्रकारिता जगत का एक जाना-पहचाना नाम हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान दैनिक’(हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के झारखंड संस्करण में स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस भूमिका में रहते हुए वह राज्य की प्रशासनिक, राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों की व्यापक और प्रभावशाली कवरेज का नेतृत्व कर रहे हैं। एक गतिशील, परिणामोन्मुख और विश्लेषणात्मक सोच वाले पत्रकार के रूप में सत्यदेव यादव को खोजी पत्रकारिता, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और टीम मैनेजमेंट में विशेष दक्षता प्राप्त है।


करियर का सफर (ट्रेनी रिपोर्टर से स्टेट ब्यूरो चीफ तक)
सत्यदेव यादव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2003 में ‘हिन्दुस्तान दैनिक’, फरीदाबाद से ट्रेनी रिपोर्टर के रूप में की। शुरुआती वर्षों में उन्होंने विभिन्न बीट पर काम करते हुए पत्रकारिता की बुनियादी समझ और फील्ड अनुभव हासिल किया। फिर ‘अमर उजाला’, गाजियाबाद में 2005 से करीब साढ़े पांच वर्षों तक कार्य किया, जहां ट्रेनी रिपोर्टर से स्टाफ रिपोर्टर और सब-एडिटर तक का सफर तय किया। 2010 के बाद ‘हिन्दुस्तान दैनिक’ के साथ उनका सफर लगातार आगे बढ़ता गया। गाजियाबाद में सीनियर रिपोर्टर और कॉपी एडिटर रहने के बाद वह गुरुग्राम और नोएडा में सिटी चीफ रिपोर्टर बने। 2017 से वह रांची में कार्यरत हैं। स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में रणनीति और टीमवर्क के जरिए झारखंड सरकार के 35 से अधिक विभागों की सफल कवरेज सुनिश्चित कर रहे हैं।


नेतृत्व, कंटेंट और विजन
स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में सत्यदेव यादव न सिर्फ टीम का नेतृत्व करते हैं, बल्कि स्टोरी चयन, कंटेंट पैकेजिंग और एडिटोरियल दिशा तय करने में भी उनकी अहम भूमिका होती है। वह अपनी टीम को हमेशा फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और ग्राउंड-लेवल वेरिफिकेशन पर जोर देने के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता होती है, और यही सोच उनके काम और नेतृत्व में साफ झलकती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सत्यदेव यादव ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और जर्नलिज़्म एवं मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक हैं।


विशेषज्ञता
खोजी पत्रकारिता और ग्राउंड रिपोर्टिंग
राजनीतिक विषयों पर विश्लेषण
वन पर्यावरण, वन्य जीव
बिजली, रिन्यूबल एनर्जी
शहरी मुद्दे, ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टिंग

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsNational Newsभाजपा को निवेश प्रक्रिया की समझ का अभाव : विनोद पांडेय