झारखंड मुक्ति मोर्चा मझगांव प्रखंड कमेटी की बैठक संपन्न
झारखंड मुक्ति मोर्चा मझगांव प्रखंड कमेटी की एक बैठक में केंद्र के खान-खनिज विनियमन अधिनियम का विरोध किया गया। झामुमो के नेताओं ने इसे आदिवासियों के अधिकारों पर हमला बताते हुए इस कानून को वापस लेने की मांग की। पार्टी ने स्थानीय लोगों को जागरूक करने और आंदोलन की योजना बनाई है।
मझगांव। झारखंड मुक्ति मोर्चा मझगांव प्रखंड कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रखंड अध्यक्ष राजेश पिंगुवा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा और राज्यसभा से हाल ही में पारित किए गए खान-खनिज विनियमन अधिनियम कानून का विरोध करना था।
बैठक में मौजूद सदस्य
बैठक में झामुमो के सभी पंचायतों के अध्यक्ष, सचिव और पार्टी के जुझारू कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि यह कानून आदिवासी-मूलवासी और झारखंड के खनिज संसाधनों पर सीधा हमला है। इससे राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिजों पर केंद्र का नियंत्रण बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के अधिकार छिन जाएंगे।
पार्टी की प्रतिक्रिया
राजेश पिंगुवा ने कहा कि झामुमो इस काला कानून को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। पार्टी आलाकमान के अगले आदेश का इंतजार कर रही है और कानून के विरोध में उग्र आंदोलन के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को इस कानून के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने की अपील की।
संकल्प और समर्थन
सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जब तक केंद्र सरकार इस जनविरोधी कानून को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में जिला अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मो. दिलबर, जाने आलम, संदीप तिरिया, मो. जावेद अंसारी, भूषण हेंब्रम, मार्शल हेंब्रम, श्यामलाल, रंजीत पिंगुवा, सोमकांत पुरती, पितांबर पिंगुवा, मो. रशीद, देवानंद मांझी, गणेश्वर तिरिया,मोजाहिद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।


