सूबे में सबसे अधिक कोल्हान के जिलों में बरसा मानसून, किसानों को राहत

हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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झारखंड में इस मानसून से 29 फीसदी कम बारिश हुई है, लेकिन कोल्हान के तीनों जिलों में बारिश की स्थिति बेहतर है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 9 फीसदी अधिक बारिश हुई है, जबकि पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में थोड़ी कमी दर्ज की गई है। धान की रोपनी में भी वृद्धि देखने को मिली है।

सूबे में सबसे अधिक कोल्हान के जिलों में बरसा मानसून, किसानों को राहत

झारखंड में मानसून की बारिश भले ही अबतक सामान्य से 29 फीसदी कम है, लेकिन कोल्हान के तीनों जिलों में बारिश की स्थिति राज्य के अधिकांश जिलों से बेहतर है। एक जून से चार अगस्त तक पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बारिश की कमी राज्य की औसत कमी से काफी कम रही। इससे धान की खेती कर रहे किसानों को राहत मिली है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य 536 मिमी के मुकाबले 586.1 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य से 50.1 मिमी यानी 9 फीसदी अधिक है। जिले में राज्य में सबसे बेहतर बारिश हुई है। राज्य का यही एक जिला है, जहां अबतक सामान्य से अधिक बारिश हुई है। पूर्वी सिंहभूम में 507.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 588.9 मिमी है। इस तरह जिले में 81.5 मिमी यानी 14 फीसदी बारिश कम हुई। वहीं, सरायकेला-खरसावां में सामान्य 545.1 मिमी के मुकाबले 485.1 मिमी बारिश हुई, जो 60 मिमी यानी 11 फीसदी कम है। खास बात यह है कि करीब एक महीने पहले पूर्वी सिंहभूम में बारिश की कमी लगभग 50 फीसदी तक पहुंच गई थी। इसके बाद लगातार हुई बारिश से स्थिति में काफी सुधार हुआ है.

कोल्हान में धानरोपनी को मिला फायदा

बारिश की बेहतर स्थिति का असर खेती पर भी दिख रहा है। कोल्हान में धान की रोपनी करीब 50 फीसदी तक पहुंच गई है। किसानों को उम्मीद है कि अगस्त में भी अच्छी बारिश हुई तो रोपनी का लक्ष्य और बेहतर तरीके से पूरा हो सकेगा। मौसम विभाग ने अगस्त में भी बारिश की संभावना जताई है, जिससे खेतों में नमी बनी रहने और धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके विपरीत राज्य के कई जिलों में बारिश की भारी कमी बनी हुई है। चतरा में सामान्य से 63 फीसदी, गढ़वा में 61 फीसदी और पाकुड़ में 60 फीसदी कम बारिश हुई है। चतरा में सामान्य 496.1 मिमी के मुकाबले महज 182.7 मिमी बारिश हुई है.

सूबे में जून से 4 अगस्त तक 392 मिमी बारिश

राज्य में इस मानसून सीजन में जून से लेकर 4 अगस्त तक 392 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 549.3 मिमी होनी चाहिए थी। यानी 157.3 मिमी कम बारिश हुई है। ऐसे में कोल्हान के तीनों जिलों की बेहतर बारिश राज्य के औसत से अलग तस्वीर पेश कर रही है।

सामान्य प्रश्न

झारखंड में मानसून की बारिश अबतक कितनी कम हुई है?
झारखंड में मानसून की बारिश भले ही अबतक सामान्य से 29 फीसदी कम है।
Hindustan | Bureau

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