जून में कोल इंडिया के कोयला राजस्व का 40.% झारखंड को
झारखंड सरकार को जून में कोल इंडिया से 1576.35 करोड़ रुपए का कोयला राजस्व प्राप्त हुआ है। जून में कुल 3898.53 करोड़ का भुगतान किया गया, जिसमें रॉयल्टी मद में 529.68 करोड़ शामिल हैं। कोल डिस्पैच में वृद्धि के कारण यह राजस्व बढ़ा है।

धनबाद, विशेष संवाददाता। अप्रैल मई के मुकाबले जून में झारखंड को ज्यादा कोयला राजस्व मिला है। कोल इंडिया की ओर से राज्यवार सेंट्रल और स्टेट एक्सचेकर को किए गए भुगतान संबंधी विवरण में झारखंड पहले नंबर पर है। जून में कोल इंडिया की ओर से कुल 3898.53 करोड़ भुगतान किया गया, जिसमें अकेले झारखंड को 1576.35 करोड़ रुपए मिले। सिर्फ रॉयल्टी मद में ही झारखंड को कोल इंडिया ने 529.68 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। जून माह में अपेक्षाकृत ज्यादा कोयला डिस्पैच के कारण राजस्व में भी वृद्धि हुई है।
जून में कोयला डिस्पैच
जून में कोल इंडिया ने लक्ष्य 71.55 मिलियन टन कोयला डिस्पैच लक्ष्य के मुकाबले 65.95 मिलियन टन डिस्पैच किया, जो 92.18 प्रतिशत है। डिस्पैच बढ़ने से प्रतिदिन रैक लोडिंग में भी इजाफा हुआ है। जून 2025 में प्रतिदिन रैक लोडिंग 305.1 मिलियन टन के मुकाबले जून 2026 में रैक लोडिंग 323.8 मिलियन टन है। आंकड़े बताते हैं कि झारखंड की अर्थव्यवस्था में अभी भी कोयले से होने वाली आमदनी अहम है। राज्य के साथ-साथ कोयला या अन्य खनन बहुल जिले के लिए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड के तहत होने वाली आमदनी की खास भूमिका है। डीएमएफटी पर पूरा अधिकार जिले का होता है और उक्त रकम को कैसे और कहां खर्च कर है इसका भी निर्णय जिला स्तर पर ही लिया जाता है।
प्रमुख राज्यों को जून में कोयला राजस्व
राज्य कोयला राजस्व (करोड़ में)
झारखंड 1576.35
मध्य प्रदेश 746.26
ओडिशा 434.63
छत्तीसगढ़ 395.94
महाराष्ट्र 331.92
पश्चिचम बंगाल 371.05
उत्तर प्रदेश 40.10


