झारखंड जन संस्कृति मंच की हेसालोंग में बैठक संपन्न
झारखंड जन संस्कृति मंच की बैठक रविवार को हेसालोंग में हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, सांस्कृतिक हस्तक्षेप और जल, जंगल, जमीन पर बढ़ते खतरों पर चर्चा की गई। 31 जुलाई को मुंशी प्रेमचंद जयंती मनाने का निर्णय लिया गया। हेसालोंग इकाई का गठन किया गया, जिसमें गोविंद राम अध्यक्ष बने।

गिद्दी, निज प्रतिनिधि। झारखंड जन संस्कृति मंच की बैठक रविवार को हेसालोंग में हुई। बैठक की अध्यक्षता गोविंद राम और संचालन रामप्रवेश गोप ने की। बैठक में जन संस्कृति मंच झारखंड राज्य सचिव सुरेंद्र कुमार बेदिया उपाध्यक्ष भारत उपस्थित थे। बैठक में संगठन के विस्तार, सांस्कृतिक हस्तक्षेप और वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित नेताओं ने कहा कि वर्तमान में झारखंड की पहचान रहे जल, जंगल और जमीन पर लगातार खतरे बढ़ रहे हैं। प्राकृतिक संसाधनों की लूट, विस्थापन, आदिवासी, मूलवासी समाज के अधिकारों पर हमले के कारण झारखंड की सांस्कृतिक विरासत भी संकट का सामना कर रही है।
बैठक में 31 जुलाई को महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद जयंती मनाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में संगठन को गांव-गांव तक विस्तार देने, युवाओं, छात्रों, कलाकारों, लेखकों और सांस्कृतिक कर्मियों को जन संस्कृति मंच से जोड़ने तथा नियमित सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान हेसालोंग इकाई का गठन किया गया। जिसमें गोविंद राम अध्यक्ष, रामप्रवेश गोप उपाध्यक्ष, महेश गोप सचिव चुने गए। बैठक में महेश गोप, अशरफ अंसारी, विनोद सिंह, डॉ कृष्णा गोप, मनीष यादव, सुशांत कुमार, राजेश गोप, चंद्रदेव सोरेन सहित अन्य उपस्थित थे।


