होटल कारोबार की निगरानी को रिसीवर नियुक्त का आदेश बरकरार
झारखंड हाईकोर्ट ने रांची में होटल कारोबार और जमीन के स्वामित्व को लेकर दो भाइयों के बीच चल रहे विवाद में निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा। अदालत ने रिसीवर नियुक्त करने के आदेश के खिलाफ दायर अपील खारिज की। यह मामला होटल स्वर्ण और छह कट्ठा जमीन से संबंधित है।

रांची, विशेष संवाददाता। रांची में होटल कारोबार और जमीन के स्वामित्व को लेकर दो भाइयों के बीच चल रहे विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने होटल कारोबार की निगरानी और आय-व्यय का हिसाब रखने के लिए रिसीवर नियुक्त करने के आदेश के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी। मामला रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के सिरम स्थित छह कट्ठा जमीन और उस पर बने बहुमंजिला व्यावसायिक भवन में चल रहे होटल स्वर्ण से जुड़ा है। बिरेंद्र पाल सिंह ने संपत्ति के बंटवारे के लिए वर्ष 2024 में सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया था।
उन्होंने होटल कारोबार में अपना भी अधिकार बताते हुए रिसीवर नियुक्त करने की मांग की थी। सिविल कोर्ट ने 22 मई को उनकी मांग स्वीकार करते हुए रिसीवर नियुक्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश को हरजीत सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी ओर से कहा गया कि जमीन खरीदने में पूरा पैसा उन्होंने लगाया और होटल की इमारत भी उन्होंने अपने खर्च पर बनाया। होटल स्वर्ण का कारोबार भी उन्हीं का है। उनके नाम से जीएसटी और नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस भी है। इसलिए, रिसीवर नियुक्त करने का आदेश गलत है। बिरेंद्र पाल सिंह की ओर से कहा गया कि दोनों भाई पहले साथ रहते थे और होटल का कारोबार भी साथ करते थे। बाद में दोनों ने मिलकर जमीन पर बहुमंजिला भवन बनाकर होटल चलाने का फैसला किया था। उन्होंने यह भी बताया कि होटल ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है और पिछले कुछ वर्षों से उन्हें बहुत कम राशि दी जा रही है।


