हिंदू ट्रस्ट बोर्ड को अवैध कब्जे पर सुनवाई कर आदेश देने का निर्देश
झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर के सत्यनारायण ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट समिति की जमीन पर अतिक्रमण के मामले में सुनवाई के बाद निर्देश दिया है कि अगर प्रार्थी अवैध कब्जे के खिलाफ आवेदन करता है, तो उस पर त्वरित सुनवाई की जाए। इस भूमि पर पहले भी कब्जा करने की कोशिश की गई थी, और यह एक सार्वजनिक ट्रस्ट घोषित किया गया है।

रांची, विशेष संवाददाता। हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में जमशेदपुर के सत्यनारायण ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट समिति की जमीन पर अतिक्रमण करने के मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने झारखंड हिंदू धार्मिक ट्रस्ट बोर्ड को निर्देश दिया कि अगर प्रार्थी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ कोई आवेदन देता है तो उस पर तुरंत सुनवाई कर आदेश पारित किया जाए। बोर्ड के आदेश से कोई भी पक्ष असंतुष्ट होता है तो वह हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए स्वतंत्र है। उक्त आदेश के साथ अदालत ने याचिका निष्पादित कर दी। इस संबंध में विजेंद्र शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
प्रार्थी की ओर अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव, रोहित सिन्हा, विकास कुमार, नेहा अग्रवाल ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि ठाकुरबाड़ी मंदिर राधा-कृष्ण और शिवजी का मंदिर है। 1912 में साकची के प्रधान गोराई दास ने डेढ़ बीघा जमीन ठाकुर राधा-कृष्ण और शिवजी को एक हुकुमनामा के जरिए दान में दिया था। हुकुमनामा में यह दर्ज है कि उक्त जमीन हमेशा ठाकुर राधा-कृष्ण और शिवजी की रहेगी और कोई भी उसे दान या बिक्री के द्वारा किसी और को हस्तांतरित नहीं कर सकता। मदन लाल जोशी ने इस मंदिर पर पहले भी कब्जा करने की कोशिश की थी। तब पटना हाईकोर्ट ने उक्त हुकुमनामा के आधार पर इस मंदिर को पब्लिक ट्रस्ट घोषित किया था। इस मंदिर की कुछ जमीन पर अवैध कब्जा कर व्यावसायिक कांप्लेक्स बना दिया गया है, जिसे हटाया जाना चाहिए।


