जज उत्तम आनंद हत्याकांड के दोषियों की उम्रकैद बरकरार
झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद के एडीजे उत्तम आनंद की हत्या मामले में दोषियों लखन और राहुल वर्मा की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी और इसे न्यायिक व्यवस्था पर हमला माना। जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, जब कि घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, सुनियोजित हत्या मानते हुए संदिग्ध पाया गया।

रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) उत्तम आनंद के हत्या मामले में दोषी ठहराए गए लखन वर्मा और राहुल वर्मा की आपराधिक अपील खारिज कर दी है। जस्टिस आर मुखोपाध्याय एवं जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा। अदालत ने इस घटना को न्यायिक व्यवस्था और न्यायपालिका पर सीधा हमला करार दिया। सुनवाई के दौरान दोषियों ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए सजा निरस्त करने की मांग की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद उनकी अपील खारिज कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। घटना के उद्देश्य और साजिश की तह तक पहुंचने के लिए सीबीआई ने जांच के दौरान इंटरपोल की भी सहायता ली थी। इसके बाद सीबीआई की विशेष अदालत में त्वरित सुनवाई हुई और 6 अगस्त 2022 को दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी。
28 जुलाई 2021 को हुई थी घटना
यह घटना 28 जुलाई 2021 की है। धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के समीप सुबह करीब पांच बजे एडीजे उत्तम आनंद मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए एक ऑटो रिक्शा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या माना था।


