स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
स्वाइन फ्लू (एएच1एन1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। विभाग ने जांच और उपचार के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाने का भी आदेश दिया है। स्वास्थ्य संस्थानों को संक्रमित मरीजों का ध्यान रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा गया है।

देश में स्वाइन फ्लू (एएच1एन1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड की ओर से सभी सिविल सर्जन और जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को पत्र जारी कर संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार, बचाव और लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल झारखंड में इंफ्लुएंजा संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संक्रमण की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य संस्थानों को पूरी तैयारी रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इंफ्लुएंजा एएच1एन1 और एच3एन2 सीजनल इंफ्लुएंजा के प्रमुख स्वरूप हैं। जनवरी से मार्च के बीच इसका संक्रमण अधिक सक्रिय रहता है, जबकि पोस्ट मानसून सीजन में भी संक्रमण फैलने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में जिलों को आईएलआई (इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस) और एसएआरआई (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन) के मामलों में बढ़ोतरी के ट्रेंड पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। जिलों को आईएलआई और एसएआरआई मरीजों की निगरानी के साथ प्रतिदिन इंफ्लुएंजा टेस्ट रिपोर्ट आईडीएसपी-आईएचआईपी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं से भी जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है。
10-10 बेड का अलग आइसोलेशन वार्ड बनेगा
विभाग ने निर्देश दिया है कि इंफ्लुएंजा एएच1एन1 और एच3एन2 की जांच की सुविधा रिम्स रांची और एमजीएम मेडिकल जमशेदपुर में उपलब्ध है। विभाग ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों मेंinfected मरीजों के उपचार के लिए कम से कम 10 बेड का अलग आइसोलेशन वार्ड चिह्नित करने का निर्देश दिया है। साथ ही पीपीई किट, मास्क, वीटीएम किट, आवश्यक दवाओं, ऑक्सीजन उपकरण और वेंटिलेटर समेत जरूरी संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इन मरीजों की होगी स्क्रीनिंग
अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार, नाक से पानी आना, गले में खराश, जुकाम, सिरदर्द, उल्टी, दस्त और ठंड लगने जैसे लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। सांस लेने में परेशानी और अस्पताल में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। स्क्रीनिंग के दौरान डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों को मास्क का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
सावधानी बरतने की अपील
विभाग ने लोगों से भी संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। संभावित मरीजों को मास्क पहनने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने तथा छींकते और खांसते समय मुंह-नाक ढंकने की सलाह दी गई है। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने, आंख और चेहरे को बार-बार छूने से बचने तथा संक्रमण की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग का जोर बीमारी की समय पर पहचान, जांच और उपचार के साथ संक्रमण की रोकथाम पर है。


