भूजल स्तर सुधारने के लिए बन रहा विस्तृत रोडमैप
नगर विकास एवं पेयजल तथा स्वच्छता विभाग कई योजनाओं का कर रहा क्रियान्वयन, जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार आधुनिक तकनीक का करेगी उपयोग

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य में भूजल स्तर को सुधारने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एक रोडमैप बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह रोडमैप न केवल शहरी, बल्कि ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार का फोकस है कि भूजल संरक्षण को लेकर रेनवाटर हर्वेस्टिंग को न केवल एक नियम, बल्कि एक नागरिक आंदोलन बनाया जाए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अपने विभागीय समीक्षा बैठकों में वर्षा जल संचयन और भू जल स्तर के सुधार के उपायों पर विशेष बल देते रहे हैं। इसी कड़ी में नगर विकास एवं आवास और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने कई स्तर पर तैयारी की है.
खराब एवं सूखे चापाकलों को पुनर्जीवित करने की योजना प्रारंभ
नगर विकास एवं आवास विभाग ने खराब एवं सूखे चापाकलों को वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) के माध्यम से पुनर्जीवित (रिचार्ज) करने की योजना प्रारंभ की गई है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़कर ग्राउंडवाटर रिचार्ज पिट के रूप में विकसित किया जा रहा है। विभाग के निर्देशों के तहत रांची, पलामू सहित विभिन्न नगर निकायों में नए नियम लागू किए गए हैं। नियम के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है.
वर्षा जल संचयन उपायों की रियल-टाइम निगरानी पर बल
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अंतर्गत जल जीवन मिशन सहित अन्य ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के साथ-साथ वर्षा जल संचयन उपायों की वास्तविक समय (रियल-टाइम) निगरानी पर बल दिया जा रहा है। स्थानीय जागरुकता एवं सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में जल सहियाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर जल संरक्षण संरचनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है.
एआई जैसे आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का प्रस्ताव
जल प्रबंधन और बाढ़ एवं सूखे की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटिलिजेंस (एआई) जैसे आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए सूचना एवं तकनीकी प्रौद्योगिक विभाग का सहयोग लिया जाएगा। स्कूली बच्चों को जल प्रहरी के रूप में तैयार करने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों में यंग वाटर ब्रिगेड का गठन किया जा रहा है.


