Jharkhand Election Result 2019 : त्रिशंकु विधान सभा की स्थिति में ये बन सकते हैं किंग मेकर

Drigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
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झारखंड चुनाव की मतगणना जारी है। अगर त्रिशंकु विधान सभा की स्थिति हुई तो  आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो, झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी किंगमेकर बन सकते हैं।  चुनाव परिणाम का...

Jharkhand Election Result 2019 : त्रिशंकु विधान सभा की स्थिति में ये बन सकते हैं किंग मेकर

झारखंड चुनाव की मतगणना जारी है। अगर त्रिशंकु विधान सभा की स्थिति हुई तो  आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो, झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी किंगमेकर बन सकते हैं।  चुनाव परिणाम का ताजा हाल जानने के लिए यहां Click करें

कौन हैं सुदेश महतो

19 साल पहले साल 2000 में झारखंड को अस्तित्व में आने के बाद अब तक एक भी ऐसी सरकार नहीं बनी, जिसमें सुदेश महतो की भागीदारी न हो। सरकार चाहे किसी की बने, लेकिन सुदेश की पार्टी से कोई न कोई नेता मंत्रिमंडल में शामिल रहा। रघुबर दास की सरकार में भागीदार रहे सुदेश महतो ने अकेले चुनाव लड़ा। वह चुनाव से ठीक पहले सीटों के मसले पर तालमेल नहीं हो पाने के बाद अपनी राह अलग कर ली।

पूर्व मुख्यमंत्री मरांडी 

कभी भाजपा के आदिवासी नेता के सबसे बड़े चेहरे के रूप में गिने जाने वाले बाबूलाल मरांडी पर भी निगाहें रहेंगी। वह झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बने, लेकिन मरांडी ने 2006 में भाजपा से किनारा कर झारखंड विकास मोर्चा का गठन किया था। मरांडी की पकड़ शहरी के साथ ही आदिवासी मतदाताओं में भी है।  2019 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन को मिली करारी शिकस्त के बाद उन्होंने अपनी पार्टी को कांग्रेस गठबंधन से अलग कर लिया था।

भाजपा सरकार गठन में आजसू से लेगी मदद

रुझानों पर अगर भरोसा करें तो भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने की स्थिति नहीं बन रही है। ऐसे में भाजपा को गठबंधन सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। फिर भाजपा के साथ सबसे नजदीकी सत्ता साझीदार रहे आजसू पर केसरिया पार्टी की नजर जाएगी। विधानसभा चुनाव में गठबंधन टूटने के बावजूद भाजपा ने चुनाव बाद की संभावनाओं के मद्देनजर ही आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के खिलाफ सिल्ली से उम्मीदवार नहीं उतारा।

आजसू ने भी रघुवर दास के खिलाफ उम्मीदवार नहीं दिया। चुनावी बिसात पर चले गए सियासी शालीनता के ऐसे मोहरे मतगणना के बाद भाजपा को सत्ता की सीढ़ी चढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। भाजपा दूसरी संभावना सत्ता में साझीदार बनने के लिए झाविमो में टटोल सकती है। हालांकि, झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी अभी तक किसी भी हाल में भाजपा के साथ जाने से इनकार करते रहे हैं।
 

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लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें