लेखापाल पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप, जांच समिति गठित
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची ने बरही बीआरसी के लेखापाल-सह-कंप्यूटर ऑपरेटर संजय राणा पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों की जांच के लिए एक दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। आरोप है कि उन्होंने अवैध तरीके से धन निकासी की और रिश्तेदारों के खातों में धन भेजा। समिति को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

हजारीबाग जिला प्रतिनिधि। जिले के बरही बीआरसी में पदस्थापित लेखापाल-सह-कंप्यूटर ऑपरेटर संजय राणा पर लगाए गए वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोपों की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति का गठन झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची ने किया है। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक द्वारा आदेश जारी किया गया है।
जांच समिति का गठन
जारी आदेश के मुताबिक बरही बीआरसी के बीआरसीओ रूपेश कुमार द्वारा संजय राणा के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने झारखंड शिक्षा परियोजना, हजारीबाग के लेखा पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति के दौरान अवैध तरीके से राशि की निकासी की तथा रिश्तेदारों और संबंधियों के खातों में भी अनियमित रूप से धनराशि का भेजा है।
आगे की कार्रवाई
आरोपों की गंभीरता को देखते हुए परिषद ने तत्काल जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच समिति में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के वित्त एवं लेखा पदाधिकारी रीता तिर्की तथा लेखा पदाधिकारी विवेक कुमार को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह मामले की स्थलीय जांच कर एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराए।
वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल
परिषद ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग से जुड़े इस मामले ने एकबारगी फिर वित्तीय गड़बड़ी को लेकर हजारीबाग को चर्चा में ला दिया है। सरकारी योजनाओं और शिक्षा परियोजनाओं में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ज्ञात हो कि हाल ही में जिले के पुलिस विभाग में भी वित्तीय गड़बड़ी और सरकारी राशि के दुरुपयोग से संबंधित मामला उजागर हुआ था, जिसकी जांच के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस मामलें में एफआइआर भी दर्ज हुई ही साथ ही आरोपियों को जेल भेजा गया है। अब शिक्षा परियोजना परिषद से जुड़ा यह नया मामला सामने आने के बाद सरकारी तंत्र में वित्तीय अनुशासन और निगरानी व्यवस्था को लेकर फिर से बहस तेज हो गई है।
जांच की उम्मीदें
बहरहाल सबों की निगाहें जांच पर टिकी हुई हैं। समिति की रिपोर्ट पर आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।


