सीआईडी की कार्रवाई तेज, ऑनलाइन लेन-देन के सबूतों से कसेगा शिकंजा
सीजीएल मामला : अब तक 150 से अधिक संदिग्धों और अभ्यर्थियों से हो चुकी पूछताछ, एजेंसी के बीच हुए ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन के ठोस सबूत मिले

रांची, हिंदुस्तान ब्यूरो। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 (सीजीएल) में हुए कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी की 17 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में अब तक करीब 150 संदिग्धों और अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा चुकी है, जबकि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। सीआईडी को अभ्यर्थियों, दलालों, एजेंटों और परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी के बीच हुए ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन के ठोस सबूत मिले हैं। जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि भारी रकम लेकर अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे। बैंक खातों के लेन-देन के आंकड़ों ने इस भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं, जिसके आधार पर आगे की गिरफ्तारियां की जा रही हैं।
गिरफ्तार चार अभ्यर्थियों को भेजा गया जेल
शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए ऐसे चार अभ्यर्थियों को, जिन्होंने रिश्वत देकर सफलता हासिल की थी, शनिवार को रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद चारों को होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। यह कार्रवाई एक जनवरी 2025 को दर्ज सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत मिले पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
परीक्षा एजेंसी के दो कर्मचारियों से रिमांड पर पूछताछ
दिल्ली से गिरफ्तार किए गए सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार से सीआईडी दूसरे दिन भी रिमांड पर पूछताछ कर रही है। ये दोनों परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी की सहयोगी संस्था आइसीएन के कर्मचारी हैं। वेबेल ने आइसीएन के माध्यम से परीक्षा आयोजित कराई थी, जिसके कर्मचारियों पर पेपर लीक कर अनुचित लाभ कमाने का आरोप है।
आइसीएन एजेंसी का संचालक चल रहा फरार
परीक्षा का जिम्मा संभालने वाली आइसीएन एजेंसी का संचालक मिथिलेश सिंह, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और फिलहाल दिल्ली में रहता है, अभी फरार है। सीआईडी की टीमों ने उसके कई ठिकानों पर छापेमारी की है और पुलिस जल्द ही अदालत से गिरफ्तारी वारंट हासिल कर उसकी धरपकड़ तेज करेगी। फिलहाल कई अन्य दलाल और अभ्यर्थी भी सीआईडी के रडार पर हैं।


