पांच वर्ष से कम के बच्चों में दुबलापन की दर 5.9% बची
महिलाओं की पोषण संबंधी जागरुकता में भी सुधार देखा गया, राज्य पोषण योजना के तहत सभी 24 जिलों में समर कार्यक्रम

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। कुपोषण मुक्त झारखंड के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में प्रकाशित राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) के आंकड़ों के अनुसार, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में गंभीर दुबलापन की दर एनएफएचएस-5 के 9.1% से घटकर 5.9% रह गई है। इसके अलावा महिलाओं की शिक्षा, वित्तीय भागीदारी, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और पोषण संबंधी जागरुकता में भी सुधार देखा गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (विभागीय मंत्री) के नेतृत्व में राज्य सरकार कुपोषण के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रही है। राज्य के 38,957 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 3 से 6 वर्ष के 10.60 लाख से अधिक बच्चों को गरम ताजा भोजन के साथ प्रतिदिन एक अंडा दिया जा रहा है, ताकि उन्हें पर्याप्त प्रोटीन मिल सके।
वहीं, करीब 12.63 लाख लाभुकों को टेक होम राशन (टीएचआर) उपलब्ध कराया जा रहा है। कुपोषण मिटाने के लिए राज्य पोषण योजना के तहत सभी 24 जिलों में समर कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।


