विकास पर केंद्रित रहा जयंत का संबोधन, विपक्ष पर हमले से बनाए रखी दूरी
काबड़ौत में केंद्रीय विद्यालय के शिलान्यास एवं निर्माण संकल्प सभा के दौरान जयंत चौधरी ने विकास, शिक्षा और किसानों के मुद्दों पर जोर दिया। उनका भाषण संयमित था, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया। उन्होंने युवाओं को बेहतर शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया।

काबड़ौत में केंद्रीय विद्यालय के शिलान्यास एवं निर्माण संकल्प सभा के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी का भाषण पूरी तरह विकास, शिक्षा, किसानों और युवाओं के भविष्य पर केंद्रित रहा। प्रदेश की राजनीति में जहां चुनावी सभाओं में अक्सर विपक्ष पर तीखे हमले और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते हैं, वहीं जयंत चौधरी ने अपने पूरे संबोधन में संयमित राजनीतिक शैली अपनाई। उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या किसी अन्य विपक्षी दल पर कोई सीधा हमला नहीं बोला और न ही राजनीतिक कटाक्ष किए। उनका पूरा भाषण सरकार की योजनाओं, क्षेत्रीय विकास और भविष्य की संभावनाओं के इर्द-गिर्द रहा।
सभा में जयंत चौधरी ने सबसे अधिक जोर शामली को केंद्रीय विद्यालय मिलने की उपलब्धि पर दिया। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया नॉलेज इकोनॉमी की ओर बढ़ रही है और ऐसे समय में युवाओं को बेहतर शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और कौशल से लैस करना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से मेहनत, अनुशासन और चुनौतियों का सामना करने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। जयंत चौधरी ने प्रदेश में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पारदर्शी नीतियों और स्थिर नेतृत्व के कारण बड़े उद्योग निवेश कर रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने शामली में भी बड़े उद्योग लाने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े। चुनावी माहौल की आहट के बीच भी जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में राजनीतिक टकराव की बजाय सहयोग और विकास का संदेश दिया। उन्होंने गठबंधन सरकार का उल्लेख किया, लेकिन विपक्ष पर टिप्पणी करने से बचते रहे। उनके भाषण में केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं, कौशल विकास, शिक्षा, निवेश और किसानों के हितों का उल्लेख अधिक रहा। सभा के बाद पत्रकारों से जाते जाते हुए बातचीत में भी जयंत चौधरी ने संयमित रुख बनाए रखा। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने केवल इतना कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। वहीं राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मामले की एसआईटी जांच चल रही है और उन्हें जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। उन्होंने किसी भी विवादित मुद्दे पर तीखी टिप्पणी करने से परहेज किया। काबड़ौत की सभा इस लिहाज से अलग नजर आई कि मंच से राजनीतिक हमलों की बजाय विकास, शिक्षा, किसान हित, कौशल विकास और रोजगार जैसे विषयों को प्रमुखता मिली।


