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कोरोना वायरस के खिलाफ कई राज्यों में 31 मार्च तक लॉकडाउन, जानें कहां क्या खुला रहेगा और क्या बंद

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Rajesh
Mon, 23 Mar 2020 01:21 AM
Railways have suspended all its services across the country including for suburban networks. (HT Photo)
1/ 2Railways have suspended all its services across the country including for suburban networks. (HT Photo)
An Indian man rests in front of closed shops during a day long people's curfew as a precautionary measure against COVID-19 in Hyderabad, India, Sunday, March 22, 2020. (AP photo)
2/ 2An Indian man rests in front of closed shops during a day long people's curfew as a precautionary measure against COVID-19 in Hyderabad, India, Sunday, March 22, 2020. (AP photo)

कोरोना वायस (COVID 19) के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर देशवासियों ने रविवार को अपनी एकजुटता दिखाते हुए जनता कर्फ्यू का पालन किया और जरूरी सेवाओं में लगे लोगों का शाम पांच बजे ताली, थाली और घंटी बजाकर धन्यावाद किया। 14 घंटे के सफल जनता कर्फ्यू के साथ कोरोना वायरस के खिलाफ लंबी लड़ाई की शुरुआत हो गई है।

प्रधानमंत्रा मोदी ने भी इसका संकेत देते हुए कहा, ''आज जनता कर्फ्यू रात नौ बजे खत्म हो सकता है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम जश्न मनाना शुरू कर दें।"  मोदी ने जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए देशवासियों का शुक्रिया अदा करते हुए ट्वीट किया, ''ये धन्यवाद का नाद है, लेकिन साथ ही एक लंबी लड़ाई में विजय की शुरुआत का भी नाद है। इसी संकल्प के साथ, इसी संयम के साथ एक लंबी लड़ाई के लिए अपने आप को बंधनों (सोशल डिस्टेंसिंग) में बांध लें।"

स्थिति की गंभीरता और कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को उन जिलों में पूरी तरह से लॉकडाउन करने के निर्देश दिए हैं, जहां कोविड-19 के पुष्ट मामले सामने आए या इससे लोगों की मृत्यु हुई है। हालांकि, इन इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आवश्यक सेवाओं को बहाल रखा जाएगा। इसके अलावा 31 मार्च तक दिल्ली मेट्रो समेत सभी मेट्रो सेवाओं और उपनगरीय रेल सेवाओं सहित सभी ट्रेन सेवाओं को स्थगित करने का निर्णय किया है। मालगाड़ियों को इससे अलग रखा गया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर 31 मार्च 2020 तक सभी यात्री परिवहन सेवाएं स्थगित रहेंगी। इसके अलावा कई राज्यों ने अपने स्तर पर भी लॉकडाउन की घोषणा की है। 

यूपी के 15 जिलों में लॉकडाउन

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से निपटने के लिए पहले चरण में 15 जिलों को लॉकडाउन किया गया है। यूपी परिवहन निगम की बसें न तो यूपी से बाहर जाएंगी और न ही दूसरे राज्यों की बसें प्रदेश में आ पाएंगी। यूपी में फिलहाल यह लॉकडाउन 25 मार्च तक लागू रहेगा। जागरूकता के लिए हर ग्राम पंचायत, स्कूल, हॉस्पिटल, धार्मिक स्थल के बाहर बड़े-बड़े होर्डिंग पोस्टर आदि चस्पा कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता से अपील करते हुए कहा कि सभी धर्म के लोग पूजा-अर्चना का कार्य घर पर ही करें। लॉकडाउन के पहले चरण में सरकार उन 15 जिलों को चुना गया है जहां कोरोना वायरस के संक्रमित हैं या संक्रमितों को आइसोलेट करने के लिए रखा गया है। इनमें आगरा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, बरेली, आजमगढ़, कानपुर, मेरठ, प्रयागराज, अलीगढ़ , गोरखपुर, लखनऊ और सहारनपुर शामिल हैं।

सोमवार सुबह छह बजे से दिल्ली बंदी

23 मार्च को सुबह छह बजे से देश की राजधानी दिल्ली लॉकडाउन में रहेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप राज्यपाल अनिल बैजल के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि लॉकडाउन 31 मार्च को अर्द्धरात्रि तक चलेगा। केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन में सार्वजनिक परिवहन का कोई साधन नहीं चलेगा और दिल्ली की सीमाओं को सील कर दिया जाएगा, लेकिन स्वास्थ्य, खानपान, जल और विद्युत आपूर्ति आदि से संबंधित आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को गतंव्य तक पहुंचाने के लिए डीटीसी की 25 प्रतिशत बसें चलेंगी।

केजरीवाल के अनुसार दुग्ध उत्पाद की दुकानें, किराना दुकानें, दवा की दुकानें और पेट्रोल पंप खुले रहेंगे, वहीं जरूरी सेवाओं से जुड़े सभी लोगों को इस दौरान आवागमन की अनुमति दी जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि पांच से ज्यादा लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं होगी और लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के दफ्तरों को लॉकडाउन के दौरान अपने कर्मचारियों को वेतन देना होगा।

31 मार्च तक पूरा बिहार लॉकडाउन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक के लिए पूरे राज्य में लॉकडाउन करने का निर्णय किया है। इस बंदी के दायरे से आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि निजी प्रतिष्ठानों, निजी कार्यालयों और सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह से बंद किया गया है लेकिन आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं से संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद से छूट है। आवश्यक सेवाओं में चिकित्सा सेवा, खाद्यान्न एवं किराने के प्रतिष्ठान, दवा की दुकान, डेयरी और डेयरी से संबंधित प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप एवं सीएनजी स्टेशन, बैंकिंग एवं एटीएम, पोस्ट आफिस तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि सेवाएं शामिल हैं। 

झारखंड में भी बंदी

झारखंड में 31 मार्च तक तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन  हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद जारी अधिसूचना में बताया गया कि आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी विभाग, कार्यालय, फैक्टरियां, गोदाम, साप्ताहिक बाजार, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस दौरान बंद रहेंगे। इसने कहा कि सरकारी अधिकारी घर से काम करेंगे लेकिन जरूरत हुई तो उनके विभागाध्यक्ष उन्हें कार्यालय में बुला सकते हैं। बस, टैक्सी, ऑटोरिक्शा और साइकिल रिक्शा इस दौरान नहीं चलेंगे। सभी निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं और पूजास्थल बंद रहेंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि बैंक, एटीएम, अस्पताल, डाकघर, किराने की दुकान और अन्य आवश्यक सेवाएं खुली रहेंगी।
 

महाराष्ट्र में धारा 144 लागू

महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राज्य में सीआरपीसी की धारा 144 लागू की है, जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सामाजिक दूरी को सुनिश्चित करने के लिए सोमवार से राज्य परिवहन और निजी बस सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। हालांकि, किराने का सामान, सब्जियों की आपूर्ति, बैंक और प्रमुख वित्तीय सेवाएं जैसी आवश्यक सेवाएं बहाल रहेंगी। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि सोमवार को शहरी क्षेत्रों में लॉकडाउन की अवधि 31 मार्च तक बढ़ाने की घोषणा हो सकती है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुछ कंपनियों और कार्यालयों में कामकाज नहीं होगा लेकिन इन प्रतिष्ठानों को मानवीय आधार पर अपने कर्मचारियों को कम-से-कम मूल वेतन का भुगतान करना चाहिए। उन्होंने कहा, ''मैंने व्यक्तिगत रूप से राज्य कर्मचारियों को भी कम कर दिया है। कुछ दिन पहले हम 50 प्रतिशत क्षमता पर कार्यालय चला रहे थे। सोमवार से सरकार के केवल पांच फीसदी कर्मचारी काम पर आएंगे।"

हरियाणा के 7 जिलों में लॉकडाउन

कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर हरियाणा सरकार ने रविवार को गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत सात जिलों में लॉकडाउन की घोषणा की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि रविवार रात नौ बजे से लॉकडाउन लागू होने वाले जिलों में सोनीपत, पानीपत, झज्जर, रोहतक और पंचकुला भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। इन क्षेत्रों में 22 मार्च से 31 मार्च तक टैक्सी, ऑटो-रिक्शा के संचालन सहित किसी भी सार्वजनिक परिवहन सेवा की अनुमति नहीं होगी। सभी दुकानें, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, कायार्लय और कारखाने, कार्यशालाएं, गोदाम आदि के संचालन को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

जम्म-कश्मीर में भी सभी 20 जिले बंद 

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने रविवार को अति आवश्यक सेवा और वस्तुओं को छोड़कर पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 31 मार्च तक बंद करने का आदेश दिया। मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने सभी 20 जिलों के उपायुक्तों को भेजे पत्र में कहा गया है कि बंदी रविवार को शाम आठ बजे से 31 मार्च शाम छह बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान आवश्यक वस्तुओं/सेवाओं को छोड़कर सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। आवश्यक सेवाओं में किराने के सामान, ताजा फल, सब्जियां, दवाएं, स्वास्थ्य उपकरण, बैंक, एटीएम, पेट्रोल पंप आदि को शमिल किया गया। 

मध्य प्रदेश के नौ जिले लॉकडाउन

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को 26 वर्षीय एक छात्रा कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई है। यह भोपाल में कोविड-19 का पहला मामला है। इसी के साथ मध्यप्रदेश में इस वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ कर पांच हो गई है। मध्य प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस का पहला मामला आया। इस दिन चार लोग जबलपुर शहर में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। इनमें दुबई से लौटे एक परिवार के तीन सदस्य और जर्मनी से वापस आया एक व्यक्ति शामिल है।

इसके मद्देनजर मध्य प्रदेश सरकार ने एहतियात तौर पर भोपाल एवं जबलपुर सहित नौ जिलों को लॉकडाउन कर दिया है। इन दोनों जिलों के अलावा, सात अन्य जिलों सिवनी, बालाघाट, बैतूल, ग्वालियर, छिन्दवाड़ा, रतलाम और नरसिंहपुर को भी लॉकडाउन किया गया है। इन नौ जिलों में से नरसिंहपुर में 14 दिनों तक शटडाउन रहेगा, जबकि भोपाल में तीन दिन यानी 72 घंटे का लॉकडाउन किया गया है और बाकी सात जिलों को दो या तीन दिनों तक बंद किया जाएगा।

राजस्थान, पंजाब, बंगाल और छत्तीसगढ़

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को ही 31 मार्च तक के लिए आवश्यक सेवाओं को छोड़कर राज्य में पूर्ण लॉकडाउन का निर्देश दे चुके हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी लॉकडाउन की घोषणा करते हुए उद्योगपतियों से अपील की है कि वे बंद के दौरान अपने कर्मचारियों का वेतन न काटें। छत्तीसगढ़ ने सभी शहरी क्षेत्रों में 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन कर दिया है। पश्चिम बंगाल में 27 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा की हुई है।

आंध्र ने भी बढ़ाए पूर्ण बंदी की ओर कदम

आंध्र प्रदेश सरकार ने भी पूर्ण बंदी की ओर कदम बढ़ाते हुए दूसरे राज्यों के साथ लगने वाली अपनी सीमा 31 मार्च तक बंद रखने की घोषणा की और लोगों से बस जरूरी आवश्यकताओं के लिए घरों से बाहर निकलने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि राज्य के अंदर और अंतरराज्यीय मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन बंद रहेगा और सरकार का कामकाज सीमित कर्मचारियों से चलाया जाएगा और कर्मचारी बारी-बारी से काम करेंगे। उन्होंने गरीबों के लिए मुफ्त राशन और प्रति परिवार 1000 रुपये की सहायता की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमण के छह मामले सामने आए हैं। उनमें से एक मरीज ठीक हो गया है और उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई है। आंध्र प्रदेश के प्रकाशम, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में पूरी तरह से लॉकडाउन की घोषणा की गई है। 

पूरे तेलंगाना में 31 मार्च तक लॉकडाउन

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए एहतियातन कदम के तौर पर राज्य में 31 मार्च तक पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा। राव ने राज्य के हालात पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा, ''हमें 31 मार्च तक वैसी ही भावना प्रदर्शित करनी होगी जो हमने आज (जनता कर्फ्यू में) की, तो हम बीमारी को फैलने से रोक सकेंगे। तेलंगाना 31 मार्च तक लॉकडाउन में रहेगा।" उन्होंने कहा कि सभी अंतरराज्यीय सीमाएं सील रहेंगी और केवल दवाएं आदि आवश्यक वस्तुओं को लेकर आने वाले वाहनों को राज्य में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। राव ने जनता से इस अवधि में घरों में ही रहने की अपील की।

नगालैंड में अनिश्चितकालीन लॉकडाउन 

नगालैंड की सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर रविवार की मध्य रात्रि से अनिश्चितकालीन लॉकडाउन की घोषणा की है। देश में सुबह सात बजे से 14 घंटे के लिए 'जनता कर्फ्यू लागू है। मुख्य सचिव टेमजेन टाय ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में अभी तक कोरोना वायरस के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन महामारी रोग कानून 1897 के मुताबिक एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। टाय ने कहा, ''अगले आदेश तक दवा की दुकानें, पेट्रोल पंप और किराने की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें बंद रहेंगी। बस, टैक्सी, ऑटोरिक्शा या दो पहिया टैक्सी जैसे सभी व्यावसायिक यात्री वाहन सड़कों से दूर रहेंगे।

उन्होंने कहा कि आवश्यक पदार्थों को खरीदने या चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करने के अलावा लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है। टाय ने कहा कि आवश्यक सामान, चिकित्सा उपकरण और आपूर्तियों, सुरक्षा बलों और सामान ढोने वाले वाहनों के राज्य से गुजरने के अलावा नगालैंड में प्रवेश के सभी बिंदु सील रहेंगे। हालांकि, घरेलू उड़ानों पर रोक के मुख्यमंत्री केजरीवाल के ऐलान के बाद नागरिक उड्डयन के महानिदेशक (डीजीसीए) ने साफ किया है कि इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू फ्लाइट्स की उड़ानें जारी रहेंगी और एयरपोर्ट पहले की तरह काम करता रहेगा।

रेलवे ने 22 से 31 मार्च तक यात्री ट्रेन सेवाएं बंद कीं
रेलवे ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सभी यात्री गाड़ियों के संचालन को 22 मार्च की मध्यरात्रि से 31 मार्च मध्यरात्रि तक स्थगित रखने की घोषणा की है। रेलवे ने कहा कि जिन ट्रेनों ने 22 मार्च को सुबह चार बजे से पहले अपनी यात्रा शुरू कर दी है वे अपने गंतव्य तक जाएंगी।  रद्द हुईं ट्रेनों के लिए यात्री 21 जून की अवधि तक रिफंड का दावा कर सकते हैं। रेलवे रोजाना लगभग 13,523 ट्रेनें चलाता है, जिसमें 5,881 ईएमयू, 3,695 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें और 3,947 यात्री ट्रेनें शामिल हैं। 
    
रेलवे ने कहा कि इस अवधि में केवल मालगाड़ियां चलेंगी। रेलवे ने कहा कि शनिवार को ऐसे तीन मामले सामने आए थे, जब ऐसे लोग ट्रेनों में सफर करते मिले जिन्हें घरों में पृथक रहने का निर्देश दिया गया था। इन तीन मामलों में 12 लोग कोविड-19 से ग्रस्त पाए गए। भारतीय रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा, "उपनगरीय सेवाएं और कोलकाता मेट्रो रेल सेवा 22 मार्च की आधी रात तक जारी रहेगी। इसके बाद ये सेवाएं भी 31 मार्च की आधी रात तक बंद रहेंगी।" इस दौरान रेलवे के सभी फूड प्लाजा, अल्पाहार, जन आहार और दुकानों आदि पर चाय, कॉफी, चिप्स और बिस्किट आदि ही मिलेंगे। इसके अलावा, रेलवे ने सभी रेल संग्रहालय, धरोहर गलियारे और पार्कों को 15 अप्रैल तक बंद रखने का भी आदेश दिया है।

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