जनेश्वर मिश्र का जीवन जीवंत पाठशाला
सपा कार्यालय पर जनेश्वर मिश्रा की जयंती मनाई गई। जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्रा सिद्धांतों के प्रति अडिग थे। उनके जीवन का आदर्श राजनीतिक प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के लिए है। उन्होंने लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा की। सपा आज भी उनके समाजवादी मूल्यों को आगे बढ़ा रही है।

सपा कार्यालय पर बुधवार को जनेश्वर मिश्रा की जयंती मनाई गई। जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्रा भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में थे, जिन्होंने सिद्धांतों को कभी सत्ता के आगे झुकने नहीं दिया। आज जब राजनीति में वैचारिक प्रतिबद्धता का संकट दिखाई देता है, तब जनेश्वर मिश्रा का जीवन प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता के लिए एक आदर्श है। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि जनेश्वर मिश्रा लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय के प्रबल प्रहरी थे। पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनेश्वर मिश्र का मानना था कि राजनीति का उद्देश्य केवल सरकार बनाना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाना है।
संजीव कुमार सक्सेना ने कहा कि सपा आज भी जनेश्वर मिश्र के समाजवादी मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। पंडित दीपक शर्मा ने कहा कि जनेश्वर मिश्रा का जीवन समाजवादी कार्यकर्ताओं के लिए एक जीवंत पाठशाला है। इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय पाल सिंह, नूतन शर्मा, हैदर अली, नरेश सोलंकी, पार्टी प्रवक्ता अशोक यादव, सुरेन्द्र सोनकर, सिंपल कन्नौजिया, हरिओम प्रजापति, स्मिता यादव, ब्रजेश श्रीवास्तव सविता आदि मौजूद रहे।


