DA Image
28 जून, 2020|12:50|IST

अगली स्टोरी

क्या चीन को जवाब देने के लिए जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर हो रहा है हवाई पट्टी का निर्माण?

fighter jets lands on Lucknow-Agra Expressway

रक्षा अधिकारियों ने कहा कि लद्दाख क्षेत्र में गतिरोध और दक्षिण कश्मीर के बिजेहरा क्षेत्र में अनंतनाग जिले में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर हवाई पट्टी के निर्माण के बीच कोई संबंध नहीं था। अनंतनाग जिले में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के पास 3.5 किलोमीटर की हवाई पट्टी के निर्माण से अटकलें लगाई जा रही हैं कि लद्दाख क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच गतिरोध के जवाब में आपातकालीन लैंडिंग पट्टी का निर्माण किया जा रहा है।

एक रक्षा अधिकारी ने गुरुवार (4 जून) को यहां कहा, "यह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाई जा रही परियोजना है और पिछले साल से इसकी योजना थी। इसका लद्दाख की घटना से कोई लेना-देना नहीं है।" अधिकारी ने कहा कि आपातकालीन लैंडिंग पट्टी परिचालन जरूरतों का हिस्सा है और देश भर में इस तरह के कई पट्टियों का निर्माण किया गया है। लोक प्रशासन के अधिकारियों ने भी कहा कि हवाई पट्टी एक पुरानी परियोजना थी और सर्दियों की शुरुआत से पहले इसके लिए काम बंद कर दिया गया था।

अधिकारियों ने कहा कि काम हाल ही में फिर से शुरू किया गया था और लॉकडाउन के मद्देनजर परियोजना स्थल पर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए कार्यबल को विशेष पास जारी किए जाने थे। बिजबेहरा से 15 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित कश्मीर में कम से कम दो पूर्ण भारतीय वायुसेना के हवाई ठिकाने हैं, जहाँ आपातकालीन लैंडिंग पट्टी है।

5 मई को भारत और चीन की सेना में झड़प
पूर्वी लद्दाख में स्थिति तब खराब हुई जब बीते पांच मई को पेगोंग झील क्षेत्र में भारत और चीन के लगभग 250 सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और लाठी-डंडों से झड़प हो गई। दोनों ओर से पथराव भी हुआ था, जिसमें दोनों देशों के सैनिक घायल हुए थे। यह घटना अगले दिन भी जारी रही। इसके बाद दोनों पक्ष ''अलग" हुए, लेकिन गतिरोध जारी रहा। इसी तरह की एक अन्य घटना में नौ मई को सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास दोनों देशों के लगभग 150 सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में दोनों पक्षों के कम से कम 10 सैनिक घायल हुए थे।

डोकलाम को लेकर भी लंबा चला था गतिरोध
वर्ष 2017 में डोकलाम तिराहा क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिकों के बीच 73 दिन तक गतिरोध चला था, जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका उत्पन्न हो गई थी। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा कही जाने वाली 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर विवाद है।चीन अरुणाचल प्रदेश के दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता है, जबकि भारत का कहना है कि यह उसका अभिन्न अंग है। चीन, जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन किए जाने और लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाने के भारत के कदम की निन्दा करता रहा है। लद्दाख के कई हिस्सों पर बीजिंग अपना दावा जताता है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Jammu Srinagar National Highway airstrip LAC China Tension