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1 मार्च, 2021|6:34|IST

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कश्मीर: श्रीश्री के 'पैगाम-ए-मोहब्बत' के बीच 'आजादी' के नारे, कार्यक्रम छोड़ लौटे रविशंकर

आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर के शनिवार को आयोजित पैगाम-ए-मोहब्बत कार्यक्रम में गुस्साई भीड़ ने 'आजादी-आजादी' के नारे लगाए। भीड़ ने आयोजकों पर आरोप लगाया कि मौलवी के व्याख्यान के नाम पर श्रीश्री रविशंकर को बुलाया गया। माहौल बिगड़ने के बाद श्रीश्री रविशंकर कार्यक्रम के बीच से ही लौट गए।

जम्मू कश्मीर कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय कंवेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में श्रीश्री रविशंकर को प्यार का पैगाम देने के लिए बुलाया गया था। कार्यक्रम में शोपियां, पुलवामा, बडगाम से लोग पहुंचे  थे। भीड़ ने आरोप लगाया कि उन्हें घंटो इंतजार करना पड़ा। इस दौरान न तो उन्हें पानी उपलब्ध कराया गया न ही उनके लिए भोजन की कोई व्यवस्था की गई थी। गुस्साई भीड़ ने श्रीश्री का भाषण शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया। आजादी आजादी के नारे के बीच श्रीश्री को बीच में ही अपना भाषण रोकना पड़ा। श्रीश्री रविशंकर मौके से निकल गए। 

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श्रीश्री बोले, अतीत भूलाकर भविष्य की सोचो
श्रीश्री रविशंकर ने पैगाम-ए-मोहब्बत में अपने भाषण में घाटी की आवाम से अमन और चैन की अपील की। उन्होंने लोगों से अतीत को भूलकर भविष्य के लिए सोचने की मांग की। विरोधी नारेबाजी के बाद कार्यक्रम छोड़कर गए श्रीश्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उन्हें लगता है कि लोगों को वहां किसी और मकसद से बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि वह गुस्साई भीड़ से बात करेंगे और उनकी नारजगी का कारण पूछेंगे।

राम मंदिर पर कुछ नहीं बोले 
श्रीश्री रविशंकर ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि घाटी में शांति और खुशहाली के लिए केंद्र सरकार जब भी उन्हें याद करेगी वह बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेंगे। कांफ्रेंस के दौरान राम मंदिर के सवाल पर श्रीश्री कुछ भी बोलने से बचते रहे। श्रीश्री ने सीरिया में हो रहे कत्लेआम की निंदा की। श्रीश्री ने कहा कि कश्मीर में शांति के लिए वह हमेशा मदद करने को तैयार हैं। अगर कहीं पर भी कानून की अनदेखी होगी वह इसके खिलाफ खड़े होंगे। 

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आयोजकों पर धोखाधड़ी का आरोप
गुस्साई भीड़ ने आयोजकों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि उनसे कहा गया था कि इस कार्यक्रम में पाकिस्तानी राजदूत भी हिस्सा लेंगे। लोग उन्हें सुनने के लिए पहुंचे लेकिन वहां कोई राजदूत नहीं पहुंचा था।  पुलवामा से आए मोहम्मत अल्ताफ ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि मौलवी संबोधन देंगे और क्रिकेट किट बांटी जाएगी, लेकिन वहां ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

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  • Web Title:Jammu Kashmir: Pro-freedom and Pro-Pakistan slogans at Ravishankar Paigam e Mohabbat conference