शिक्षक की जमानत अर्जी खारिज
हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
जम्मू की एनआईए अदालत ने एक शिक्षक की जमानत अर्जी खारिज कर दी है, जो हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को मदद देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सबूत पहली नजर में उसकी संलिप्तता को दर्शाते हैं, और रिहाई से चल रहे ट्रायल पर प्रभाव पड़ सकता है।

जम्मू की एक विशेष एनआईए अदालत ने एक प्राइवेट स्कूल शिक्षक की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उसे पांच साल से ज्यादा समय पहले डोडा-किश्तवाड़ इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पनाह, खाना एवं अन्य मदद देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। विशेष जज प्रेम सागर की अध्यक्षता वाली कोर्ट ने तनवीर अहमद मलिक की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से पहली नजर में गैर-कानूनी और आतंकी गतिविधियों में उसकी कथित संलिप्तता का पता चलता है। अदालत ने यह चिंता भी जताई कि उसकी रिहाई से चल रहे ट्रायल पर असर पड़ सकता है, क्योंकि इससे उसके गवाहों को प्रभावित करने की संभावना बन सकती है।


