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हिंदी न्यूज़ देशजम्मू-कश्मीर को जल्द मिले पूर्ण राज्य का दर्जा... अधीर रंजन ने की चुनाव कराने की भी मांग

जम्मू-कश्मीर को जल्द मिले पूर्ण राज्य का दर्जा... अधीर रंजन ने की चुनाव कराने की भी मांग

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Himanshu Jha
Mon, 25 Oct 2021 09:14 AM
जम्मू-कश्मीर को जल्द मिले पूर्ण राज्य का दर्जा... अधीर रंजन ने की चुनाव कराने की भी मांग

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक व्यवस्था बहाल करने की मांग की और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का आह्वान किया ताकि विधानसभा चुनाव जल्द से जल्द हो सके। कांग्रेस नेता ने एएनआई को बताया, "जम्मू और कश्मीर में एक राजनीतिक व्यवस्था बहाल होनी चाहिए और चुनाव जल्द से जल्द होना चाहिए।"

उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, "आपका क्या कहना है अमित शाह जी? आपने अनुच्छेद 370 और 35 (ए) को हटा दिया और वादा किया कि कश्मीर बदल जाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ हुआ और अब कश्मीर बहुत खराब स्थिति में है। राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए, जो बहुत महत्वपूर्ण है।"

उनका यह बयान जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा नागरिकों की हत्या की कई घटनाओं के बाद आया है। इस बीच, अमित शाह अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद पहली बार केंद्र शासित प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो हफ्तों में, कई मारे गए हैं।

अधीर रंजन चौधरी ने आगे कहा, "अमित शाह कश्मीर में हैं। वह लोगों में विश्वास पैदा करने की कोशिश करेंगे। उन्हें आशा देने का भी प्रयास करेंगे। लेकिन आम जनता और वहां के लोगों के बीच कोई उम्मीद नहीं बची है। वे जहां भी जा रहे हैं, वहां कर्फ्यू है।"

कांग्रेस नेता ने आगे दावा किया कि केंद्र शासित प्रदेश में इंटरनेट बंद है। उन्होंने कहा, "अमित शाह केंद्र शासित प्रदेश का दौरा कर रहे हैं क्योंकि अब उन्हें लगता है कि यह हाथ से निकल रहा है।"

उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस पर परोक्ष हमला करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने जम्मू में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था, "इन तीनों परिवारों ने पिछले 70 वर्षों में जम्मू-कश्मीर के लिए क्या किया? हर गांव में एक पंचायत का गठन किया गया है। अब इन तीनों परिवारों की 'दादागिरी' नहीं चलेगी।"

उन्होंने यह भी कहा, "कुछ लोग सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। 2004 से 2014 के बीच, 2,081 लोगों ने अपनी जान गंवाई । हर साल 208 लोग मारे गए। 2014 से सितंबर 2021 तक, 239 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। लेकिन हम संतुष्ट नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जहां आतंकवाद से किसी की जान नहीं जाए।” 

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