DA Image
14 दिसंबर, 2020|6:14|IST

अगली स्टोरी

आंदोलन में शामिल होने के लिए डफली लेकर पहुंचे थे जामिया के छात्रा, किसानों ने यूपी गेट से वापस लौटाया

jamia students who had come with duffley to join the farmer protest returned from the up gate

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसानों का आंदोलन अनवरत जारी है। सरकार के साथ उनकी कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन असफल रही है। सरकार किसी भी कीमत पर कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि सरकार ने किसानों को लिखित प्रस्तावना भी दी, लेकिन बात नहीं बनी। इस बीच केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के एक समूह को यूपी गेट (गाजियाबाद)-गाजीपुर (दिल्ली) सीमा पर अपने प्रदर्शन में शामिल होने से रोक दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि लड़कियों समेत छह छात्रों का समूह गीत गाता और डफली बजाता हुआ किसानों को समर्थन देने आया था। डीएसपी अंशू जैन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि जब किसान नेताओं ने प्रदर्शन स्थल पर छात्रों की मौजूदगी पर आपत्ति जतायी तो पुलिस ने उन्हें वापस भेज दिया।

इस बीच भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ''किसानों की एकता को तोड़ना चाहती है।'' उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों का प्रदर्शन स्थल पर आने का सिलसिला जारी है और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन इतिहास रच देगा।

एक विज्ञप्ति के मुताबिक भाकियू नेता ने कहा कि सोमवार को किसान सुबह आठ से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल करेंगे। वहीं, नोएडा-दिल्ली चिल्ला बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के एक समूह ने फसलों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फैसला करने के लिये सरकार से किसान आयोग के गठन की मांग की। 

चिल्ला बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की पेंशन के लिये कानूनी प्रावधान की भी मांग की। बीकेयू के प्रमुख ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने ये मांग उठाते हुए कहा कि इससे देशभर के किसानों को फायदा होगा।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Jamia students who had come with Duffley to join the farmer protest returned from the UP gate