हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
बागपत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बाघू गांव के पूर्व प्रधान के देवर को गोली मारने के आरोप में हिस्ट्रीशीटर सज्जन, उसके भाई बिजन और विक्की की जमानत याचिका खारिज कर दी। 29 जून को हुई इस घटना में जतिन को गोली मारी गई थी। मामले में अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार हैं।

बागपत। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनींद्रपाल सिंह ने बाघू गांव की पूर्व प्रधान के देवर को गोली मारने के आरोपी हिस्ट्रीशीटर सज्जन, उसके भाई बिजन उर्फ बिजेंद्र और विक्की उर्फ विकास की जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी। इस मामले में कई आरोपी जेल में बंद है। बाघू गांव के रहने वाले विनोद ने एक जुलाई को बागपत कोतवाली मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि गत 29 जून की रात दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के अंडरपास के पास डंपर ने उनकी कार में टक्कर मार दी। विरोध करने पर बाघू गांव के हिस्ट्रीशीटर सज्जन गुर्जर, बिजन उर्फ बिजेंद्र, विकास उर्फ विक्की, नवाब, राजेंद्र, रमन, जितेंद्र उर्फ जीतू, शेर सिंह उर्फ कपिल, दीपक चौहान उर्फ कल्लू, शुभम सांगवान निवासी सांकलपुट्ठी और तीन अज्ञात युवकों ने उसके बेटे जतिन को तीन गोली मारी, जिसमें एक गोली सीने में धंस गई।
पुलिस ने तभी मुकदमा दर्ज करते हुए घटना में शामिल आठ आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर सज्जन, उसके भाई बिजन उर्फ बिजेंद्र और विक्की उर्फ विकास ने न्यायालय में जमानत याचिका दायर कराई, जिसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनींद्रपाल सिंह ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।


