बरही कस्तूरबा विद्यालय में शिक्षकों का अभाव, 10वीं के बाद 11वीं 12वी में घट जाती है संख्या
बरही के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में 361 छात्राएं हैं, परंतु शिक्षकों की कमी के कारण कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राएं पढ़ाई छोड़ रही हैं। स्कूल में बिजली और पानी की समस्या नहीं है, लेकिन कई सुविधाएं अभी भी विकसित होने की आवश्यकता है। स्कूल का सेकेंड फ्लोर निर्माणाधीन है।

बरही, प्रतिनिधि। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में 361 छात्राएं हैं। कस्तूरबा विद्यालय में एसएसटी, गणित और खेल शिक्षिका ही कार्यरत हैं। मानदेय पर बाहर से 6 शिक्षक क्लास लेने आते हैं और बाहर से ही तीन वोकेशनल शिक्षक आते हैं जो छात्राओं को सिलाई कढ़ाई, हेल्थकेयर और लैब फेसिलेटर की शिक्षा देते हैं। शिक्षकों के अभाव में कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं की छात्राएं जीवविज्ञान और गणित पढ़ने के लिए विद्यालय छोड़ देती हैं। 11वीं और 12वीं में उनकी संख्या आधी रह जाती है। वार्डेन रोशनी बाड़ा बताती हैं कि स्कूल में बिजली, पेयजल की समस्या नहीं है। सुरक्षा के लिए विद्यालय में दो महिला गार्ड और दो पुरुष गार्ड रहते हैं।
छात्राओं को अलग-अलग दिन के मेन्यू के अनुसार अल्पाहार, नास्ता और खाना दिया जाता है। विद्यालय का सेकेंड फ्लोर बिल्डिंग अभी बन रहा है। इसके बनने के बाद भवन की समस्या दूर हो जाएगी। कक्षा 6 में छात्राओं का नामांकन अभी नहीं हुआ है। कक्षा 7 कक्षा 8 में छात्राओं की संख्या 72: 73 है। कक्षा 9 में 65 और कक्षा 10 में 68 छात्राएं हैं। कक्षा 11 में 39 और कक्षा 12 में 45 छात्राएं हैं।


