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इमरान खान को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने सिफर मामले में किया बरी; जेल से अभी नहीं पाएंगे रिहा

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सिफर मामले में पीटीआई के दोनों नेताओं को सोमवार को बरी कर दिया। उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस आमेर फारूक और जस्टिस मियांगुल हसन औरंगजेब की बेंच ने मामले की सुनवाई की।

इमरान खान को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने सिफर मामले में किया बरी; जेल से अभी नहीं पाएंगे रिहा
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,इस्लामाबादMon, 03 Jun 2024 06:51 PM
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान और पार्टी नेता शाह महमूद कुरेशी को इस्लामाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सिफर मामले में पीटीआई के दोनों नेताओं को सोमवार को बरी कर दिया। IHC के चीफ जस्टिस आमेर फारूक और जस्टिस मियांगुल हसन औरंगजेब की बेंच ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने सिफर मामले में सजा के खिलाफ इमरान खान और शाह महमूद कुरेशी की अपील स्वीकार करने के बाद अपना फैसला सुनाया। हालांकि, तोशखाना और इद्दत मामलों में सजा के कारण पीटीआई के दोनों नेताओं के जेल से रिहा होने की उम्मीद नहीं है। मालूम हो कि पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को हाल ही में 9 मई के मामलों में गिरफ्तार किया गया है।

इससे पहले, इमरान खान के वकील ने गोपनीय दस्तावेज लीक किए जाने के मामले में निचली अदालत के फैसले में खामियों की ओर इशारा किया था। उन्होंने कहा कि विदेशी ताकत को खुश करने के लिए पीटीआई संस्थापक और कुरैशी को इस मामले में सजा सुनाई गई है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) नीत पूर्ववर्ती सरकार के दौरान संघीय जांच एजेंसी ने सिफर के दुरुपयोग के लिए खान और कुरेशी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पूर्व प्रधानमंत्री खान और कुरैशी को गोपनीय दस्तावेज लीक करने के मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इनके वकील सलमान सफदर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री खान को पूर्व अमेरिकी प्रभारी दूत के निर्देश पर जेल में रखा गया है।

विरोध मार्च के दौरान तोड़फोड़ के 2 मामलों में भी इमरान बरी
दूसरी ओर, पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी के अन्य नेताओं को मार्च 2022 में विरोध मार्च के दौरान तोड़फोड़ करने से जुड़े मामलों में बरी कर दिया। इस्लामाबाद की जिला व सत्र अदालत ने खान, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, पूर्व संचार मंत्री मुराद सईद और पीटीआई के अन्य नेताओं को हकीकी आजादी मार्च के दौरान तोड़फोड़ करने के 2 मामलों में बरी कर दिया। मई 2022 में खान ने शहबाज शरीफ की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार को गिराने के लिए लाहौर से इस्लामाबाद की तरफ मार्च शुरू किया था। खान के अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद शरीफ के नेतृत्व में यह सरकार बनी थी। यह रैली पीटीआई के हकीकी आजादी हासिल करने और राष्ट्र को अमेरिका समर्थित गठबंधन सरकार की गुलामी से मुक्त कराने के संघर्ष का हिस्सा थी। उस समय इस्लामाबाद पुलिस ने संघीय राजधानी में आगजनी और तोड़फोड़ के आरोपों को लेकर खान, कुरैशी और पार्टी के अन्य नेताओं सहित 150 लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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