चाय के साथ आयरन की गोली खाने से करें परहेज
गर्भावस्था में महिलाओं के शरीर में हिमोग्लोबिन की कमी होती है। इसके लिए आयरन सप्लीमेंट आवश्यक हैं। डॉ. श्रेया सिंह का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को चाय के साथ आयरन की गोली नहीं लेनी चाहिए। इसके अलावा, नियमित जांच से प्रसव और मातृत्व स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।

संतकबीरनगर, निज संवाददाता। गर्भावस्था में महिलाओं के शरीर से हिमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है। इसके लिए महिलाओं को आयरन की दवा दी जाती है। महिलाओं को दवाओं के प्रयोग में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए ताकि उनकी सेहत सुधरे न कि खराब हो। मातृ एवं बाल कुपोषण के अभिशाप से मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। इसके लिए एनआरसी की चिकित्सक डा. श्रेया सिंह को गर्भवती महिलाओं को जागरुक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है。
आयरन की गोली का उपयुक्त सेवन
डा. सिंह ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को चाय के साथ आयरन की गोली कतई नहीं लेनी चहिए। चाय के साथ आयरन की गोली लेने से शहरी में खून की मात्रा नहीं बढ़ती है। उन्होंने बताया कि चाय में जिस प्रकार का तत्व होता है वह आयरन को शरीर में अवशोषित ही नहीं होने देता है। इससे शरीर में हिमोग्लोबित की मात्रा नहीं बढ़ती है। संभव 6.0 अभियान के तहत जिला अस्पताल में कैंप का आयोजन कर महिलाओं को मां और बच्चे दोनों की सेहत के प्रति जागरुक कर रही हैं।
नियमित जांच का महत्व
उन्होंने बताया कि पेट में बच्चा आने के बाद प्रसव होने तक कम से कम चार बार गर्भवती महिलाओं को जांच करानी चाहिए। जांच होने से गर्भवती महिलाओ को समय से टीका लग जाएगा और साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है या नहीं है।
सुरक्षा उपाय
प्रसूता किसी गंभीर बीमारी की चपेट में है तो उसे पहले ही ट्रैक कर हायर सेंटर पर प्रसव कराया जाएगा ताकि मां और बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि संभव अभियान के तहत जुलाई से सितंबर 2026 तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि छह सप्ताह, 12 सप्ताह, 20 सप्ताह और फिर 34 सप्ताह पर अस्पताल में जांच कराए। जांच के दौरान शरीर में किसी प्रकार की कमी होगी तो उसे पहले जांच लिया जाएगा और समय पर उसका इलाज किया जाएगा।


