रेनकोट अपहरण कांड को एक साल बीता, जांच वहीं की वहीं
हल्द्वानी के नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान 14 अगस्त 2025 को हुए 'रेनकोट अपहरण कांड' की जांच पिछले एक साल से अधूरी है। हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीसीआईडी ने 20 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं, किंतु जांच फॉरेंसिक रिपोर्ट की प्रतीक्षा में है।

हल्द्वानी। नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान 14 अगस्त 2025 को सामने आए चर्चित ‘रेनकोट अपहरण कांड’ की जांच एक साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। बारिश के बीच पांच जिला पंचायत सदस्यों को रेनकोट पहने लोगों द्वारा कथित तौर पर ले जाने की घटना के बाद राजनीति हलचल मची थी, लेकिन अब तक जांच का बड़ा हिस्सा बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट की प्रतीक्षा में अटका है। हाईकोर्ट की निगरानी के बाद यह मामला सीबीसीआईडी को सौंपा गया था। सीबीसीआईडी की एसपी दीपशिखा अग्रवाल के मुताबिक, पीड़ित सदस्यों, चश्मदीदों और आरोपी पक्ष समेत 20 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्य फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (एफएसएल) भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपियों की भूमिका और आगे की वैधानिक कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।
पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में
प्रदेश में राजनीतिक भूचाल लाने वाली यह घटना पुलिस बल की मौजूदगी में होने के आरोपों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। बाद में लापरवाही के आरोप में कई पुलिसकर्मियों पर निलंबन, तबादले और लाइन हाजिर की कार्रवाई हुई थी। इसके बावजूद यह सवाल कायम है कि मौके पर कथित अपहरण को रोकने में सुरक्षा तंत्र क्यों नाकाम रहा और घटना के बाद आरोपियों की पहचान तत्काल क्यों नहीं हो सकी।
11 नामजद समेत अज्ञात पर मुकदमा
तल्लीताल थाने में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, प्रत्याशी पति व पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद दरम्वाल, दर्जाधारी शंकर कोरंगा समेत 11 नामजद और 10-15 अज्ञात लोगों पर बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज किया था। यह कार्रवाई कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी, सदस्य जीशांत कुमार और दो अन्य के परिजनों की तहरीर पर हुई थी। वहीं भाजपा ने कांग्रेस नेताओं पर मारपीट और सदस्यों को गायब करने के प्रयास के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी।
सवाल जो अब भी जवाब मांग रहे
रेनकोट पहने लोगों की पहचान सालभर बाद भी لماذا नहीं हो सकी?
पांचों सदस्य किन परिस्थितियों में गायब हुए और फिर सामने कैसे आए?
एफएसएल रिपोर्ट कब आएगी और आरोपपत्र कब दाखिल होगा?
चुनावी विवाद से जुड़े मुकदमाों में अब तक क्या निर्णायक कार्रवाई हुई?
फ्लैशबैक :::
14 अगस्त 2025 : 24 घंटे का हाईवोल्टेज ड्रामा
सुबह करीब पौने दस बजे : नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के मतदान से पहले पांच जिला पंचायत सदस्य कथित तौर पर गायब हुए। रेनकोट पहने लोगों द्वारा उन्हें ले जाने का वीडियो सामने आया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा और पुलिस-प्रशासन से सदस्यों को तलाशने को कहा गया।
रात 3 बजे : विवाद के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की मतगणना कराई गई और परिणाम को डबल लॉक में सुरक्षित रखा गया।
15 अगस्त 2025 : पांचों सदस्य सोशल मीडिया पर सामने आए और कहा कि वे अपनी मर्जी से गए थे। इसके बाद चुनाव, पुलिस कार्रवाई और मतगणना को लेकर सियासी टकराव और तेज हो गया। बाद में चुनावी विवाद और कथित अपहरण की जांच न्यायिक हस्तक्षेप के दायरे में पहुंची।


