मधवापुर मनरेगा जांच में गड़बड़ी मामले में 11 कर्मियों से राशि की होगी वसूली
मधवापुर प्रखंड में मनरेगा योजनाओं के विशेष सामाजिक अंकेक्षण में अनियमितताओं पर कार्रवाई हुई है। 11 अधिकारियों से 2,74,723 रुपये की वसूली का आदेश दिया गया है। आरोपित कर्मियों को राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है, नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मधुबनी, निज संवाददाता। मधवापुर प्रखंड में मनरेगा योजनाओं के विशेष सामाजिक अंकेक्षण में सामने आई अनियमितताओं पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच के बाद यहां के 11 अधिकारियों और कर्मियों से 2,74,723 रुपये की वसूली का आदेश जारी किया गया है। विभाग ने सभी संबंधित कर्मियों को राशि राज्य रोजगार गारंटी निधि में जमा करने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह कार्रवाई विशेष सामाजिक अंकेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर हुई है। 22 से 27 सितंबर 2025 तक मधवापुर प्रखंड की 12 पंचायतों की 127 मनरेगा योजनाओं का विशेष सामाजिक अंकेक्षण कराया गया था। इस जांच में 11 जिलों से आई 11 टीमों के 60 सदस्य शामिल हुए थे। जांच के दौरान योजनाओं के अभिलेख, स्थल निरीक्षण और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की गई। बाद में गठित विभागीय टीम ने दोषी कर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए वसूली योग्य राशि का निर्धारण किया। पूर्व रोजगार सेवक स्व. मो. रेयाज अख्तर ने यहां पर हुई गड़बड़ी को लेकर विभिन्न स्तरों पर शिकायत की थी。
इन अधिकारियों व कर्मियों को दिया गया निर्देश
डीआरडीए के आदेश के अनुसार तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारी सतीश कुमार (वर्तमान पदस्थापन बेलसंड, सीतामढ़ी) से 19 हजार रुपये, प्रवीण कुमार (वर्तमान समस्तीपुर) से 20 हजार रुपये, कनीय अभियंता शिवशंकर राय (वर्तमान बाबूबरही) से 14,500 रुपये, अरुण कुमार (वर्तमान जिला परिषद, मधुबनी) से 17 हजार रुपये, लेखापाल मुन्ना पासवान (मधवापुर) से 4 हजार रुपये, कृष्ण कुमार राय (वर्तमान खजौली) से 9 हजार रुपये, पंचायत रोजगार सेवक प्रभाकर कुमार सिंह (मुखियापट्टी, राजनगर) से 44,139 रुपये, प्रदीप कुमार (पिहवाड़ा, बेनीपट्टी) से 8,373 रुपये, अरविंद कुमार (पिहवाड़ा, बेनीपट्टी) से 2,329 रुपये, सुरेंद्र कुमार महतो (साहर उत्तरी, हरलाखी) से 1,04,432 रुपये तथा गुड़िया कुमारी (विशनपुर, अंधराठाढ़ी) से 22,950 रुपये वसूलने का आदेश दिया गया है।
भगवतीपुर व सलेमपुर को लेकर भी चल रहा मामला
इसी कड़ी में पंडौल प्रखंड के भगवतीपुर पंचायत में भी वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक संचालित मनरेगा योजनाओं में कथित फर्जी भुगतान और अनियमितता के आरोप लगाते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को शिकायत दी गई है। शिकायत में अप्रैल और मई 2025 में भुगतान की गई योजनाओं की एनएमएमएस ऐप पर उपलब्ध तस्वीरों और उपस्थिति के आधार पर जांच की मांग की गई है। आवेदन में कार्यक्रम पदाधिकारी, जेई, एई, ईई तथा लेखा शाखा के अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोषियों से राशि वसूली की मांग की गई है। वहीं इसी प्रखंड के सलेमपुर पंचायत की मनरेगा योजनाओं को लेकर भी पहले गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। वहां बिना कार्य के निकासी, फर्जी भुगतान और योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता संबंधी शिकायतों की जांच का मामला सामने आ चुका है।
मनरेगा में हुई लूट खसोट के मामले उठाने के कारण हुई थी रियाज अख्तर हत्या
मधुबनी। मनरेगा योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार शिकायतें करने वालों में मो. रियाज अख्तर का नाम प्रमुखता से सामने आया था। उन्होंने विभिन्न पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन, भुगतान और एनएमएमएस ऐप से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर कई शिकायतें प्रशासन को सौंपी थीं। पंडौल के भगवतीपुर पंचायत को लेकर भी उनके द्वारा जांच की मांग की गई थी। सलेमपुर में हुई अनियमितता का मामला तो जांच में सामने आ चुका था। इसमें कार्रवाई को लेकर लोक शिकायत व मनरेगा आयुक्त के यहां पर मामला चल रहा था और उसकी सुनवाई से लौटने के क्रम में ही 17 अक्टूबर 25 को उनकी हत्या स्टेडियम रोड में कर दी गयी। जांच में इस मनरेगा से जुड़े अनियमितता का मामला सामने आया और योजना से जुड़े पंचायत प्रतिनिधि के साथ ही अपराधी की गिरफ्तारी हुई है। पर सवाल है कि रियाज के विभिन्न पंचायत व प्रखंड में मनरेगा की योजना में करोड़ों रुपए के अनियमतता के उठाए गये मामले व संबंधित मामले में अब भी अधिकारी और कर्मी पर कार्रवाई नहीं हो रही है।


