दुष्कर्म मामले में एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य
गुठनी में मासूम के साथ हुए दुष्कर्म मामले की जांच के लिए एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। एएसपी संजय झा के नेतृत्व में गहन निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए गए। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे दुष्कर्म किया और उसके साथ प्रताड़ना की। महिला थाना की लापरवाही भी सामने आई है।

गुठनी,एक संवाददाता। थाना क्षेत्र के एक गांव में मासूम के साथ हुए दुष्कर्म मामले की जांच करने के लिए बुधवार को एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची। एसपी ने घटना के बाद पूरे घटना की जांच एएसपी संजय झा के नेतृत्व में चल रही है। जहां बुधवार को एएसपी संजय झा के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने पीड़िता के घर पहुंचकर घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए। गुठनी थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि पीड़िता के आवेदन पर महिला थाने में आरोपित तथा उसके एक अन्य सहयोगी पड़ोसी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस की कार्रवाई
आवेदन में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपित ने उसे बहला-फुसलाकर उसके साथ दिसंबर महीने में दुष्कर्म किया। जिसके बाद वह गर्भवती हो गई थी। पीड़िता का आरोप है कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद भी आरोपित द्वारा उसके साथ कथित रूप से प्रताड़ना की गई। और आरोपी द्वारा उसे धमकाया जा रहा था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य नामजद आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं मामले में नामजद दूसरे आरोपित की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। एएसपी संजय झा ने बताया कि पुलिस मामले की हर एक बिंदु की जांच- पड़ताल कर रही है।
एफएसएल टीम का निरीक्षण
घटनास्थल से एफएसएल टीम ने लिए गए खून व मिट्टी के नमूने मासूम के साथ हुए दुष्कर्म मामले की जांच के लिए घटना स्थल तीन सदस्यीय एफएसएल टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने घटनास्थल से खून और मिट्टी के नमूने एकत्र किए। फोरेंसिक अधिकारियों ने घटना से संबंधित परिस्थितियों की जानकारी लेने के लिए पीड़िता के परिजनों से भी पूछताछ किया। एफएसएल टीम ने मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष सुनील कुमार और महिला थाने की टीम से भी मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी ली। फोरेंसिक टीम के घटनास्थल पर पहुंचने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई।
महिला थाना की लापरवाही
पीड़िता के आवेदन के दो दिन बाद दर्ज हुई है प्राथमिकी मासूम के साथ हुए दुष्कर्म मामले में महिला थाना की लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। पीड़िता अपनी मां के साथ 29 अगस्त को महिला थाना गई थी। वावजूद न तो उसका मेडिकल चेकअप हुआ और नहीं प्राथमिकी दर्ज की गई। महिला थाना द्वारा मामले की प्राथमिकी 31 अगस्त को दर्ज की गई। लोगो में इस तरह की लापरवाही बरतने पर कई सवाल पूछे है। साथ ही दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई।


