निजी अस्पताल मे मौत की जांच को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
कुशीनगर में एक महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की है। महिला को बाइक्स से दुर्घटना के बाद मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच प्रक्रिया शुरू की है।

कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। मेडिकल कॉलेज से रेफर महिला को कथित तौर पर शहर के छावनी रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाए जाने और इलाज के दौरान उसकी मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ चंद्रप्रकाश ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम जल्द ही संबंधित निजी अस्पताल में पहुंचकर इलाज से जुड़ी पत्रावलियों की जांच करेगी और घटना के संबंध में चिकित्सकों व अस्पताल प्रबंधन से जानकारी हासिल करेगी।
जांच प्रक्रिया
मंगलवार को सीएमओ ने बताया कि जांच टीम महिला के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर इलाज और सोमवार को हुई मौत तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटाएगी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज से रेफर किए जाने और उसके बाद निजी अस्पताल तक पहुंचने की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जाएगी। परिजनों की ओर से लगाए गए इलाज में लापरवाही और निजी अस्पताल पहुंचाने के आरोपों को भी जांच के दायरे में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच टीम अस्पताल की पत्रावलियों, उपचार संबंधी दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच करेगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। सीएमओ ने कहा कि जांच टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महिला की मौत का मामला
निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की हुई थी मौत
अंगीरा पत्नी चतुरी चौहान मूल रूप से बिहार के धनहा की निवासी थी। उसका मायका पडरौना कोतवाली क्षेत्र के मनिकौरा में है। रविवार को वह अपने पति के साथ बाइक से आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए जा रही थी। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित हो गई। बाइक पर पीछे बैठी अंगीरा सड़क पर गिर गई और उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। हादसे के बाद पति और आसपास के लोगों की मदद से घायल महिला को आनन-फानन में रविंद्रनगर धूस स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। परिजन महिला को गोरखपुर ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि इसी दौरान एक युवक उनके पास पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि युवक ने बेहतर इलाज कराने का भरोसा दिलाया और उन्हें पडरौना शहर के छावनी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिजनों का कहना है कि निजी अस्पताल में महिला का इलाज शुरू हुआ। सोमवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि अस्पताल में महिला का सही तरीके से इलाज नहीं किया गया। समय रहते उसे गोरखपुर ले जाने दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
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