विजिलेंस टीम ने दी दस्तक, अधिकारियों से की पूछताछ
आईएमएस-बीएचयू में सीएसआर फंड से मशीनों की खरीद और अन्य प्रक्रियाओं की शिकायतों की जांच तेज हो गई है। शिक्षा मंत्रालय की विजिलेंस टीम ने अधिकारियों से पूछताछ की और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया। आरोप है कि मशीनें अधिक मूल्य पर खरीदी गई हैं। जांच रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को भेजी जाएगी।

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आईएमएस-बीएचयू में सीएसआर फंड से मशीनों की खरीद और अन्य खरीद प्रक्रियाओं पर दर्ज शिकायतों की जांच अब तेज हो गई है। शिक्षा मंत्रालय की विजिलेंस की दो सदस्यीय टीम ने गुरुवार को एलडी गेस्ट हाउस में दिनभर अधिकारियों से पूछताछ की। टीम ने निदेशक, एमएस, प्रोफेसरों, विभागाध्यक्षों और खरीद प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों से अलग-अलग जानकारी लेने के साथ संबंधित अभिलेखों का भी परीक्षण किया। आईएमएस बीएचयू के सर्जरी विभाग में सर्जिकल वर्क के लिए दिल्ली की एक कंपनी के माध्यम से छह मशीनें खरीदी गई हैं। इस मामले में विजलेंस में शिक़ायत हुई थी। आरोप है कि शेर-ए-कश्मीर मेडिकल कॉलेज में ये मशीन 60 लाख और एम्स में यही मशीन 66 लाख रुपये में खरीदी गई है, जबकि इसके लिए आईएमएस ने 3.64 करोड़ रुपये खर्च किये। आरोप है कि इस तरह छह मशीनें 21.89 करोड़ रुपये में खरीदी गई। इसके साथ ही सीएसआर फंड से अन्य मशीनों की खरीद पर भी शिकायत हुई थी। इसी मामले में जांच के लिए टीम पहुंची है। एलडी गेस्ट हाउस में सुबह दस बजे से देर रात तक अधिकारियों से अलग अलग पूछताछ हुई। इसके अलावा जेम पोर्टल के माध्यम से हुई विभिन्न खरीदारी भी जांच के दायरे में रही। टीम ने खरीद की स्वीकृति, तकनीकी मूल्यांकन, आपूर्ति, भुगतान और संबंधित फाइलों का मिलान किया। कई मामलों में अधिकारियों से प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी लेकर आवश्यक दस्तावेज भी तलब किए गए।
गुणवत्ता पर सवाल उठाकर लौटाई गई मशीन का भी मांगा ब्योरा
जांच के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग में खरीदी गई एक मशीन का मामला भी प्रमुखता से उठा। कार्डियोलॉजी विभाग से गुणवत्ता पर सवाल उठाकर लौटाई गई मशीन का भी ब्योरा मांगा गया है। बताया जा रहै है कि विभाग ने मशीन की गुणवत्ता और उपयोगिता पर आपत्ति जताते हुए उसे निदेशक कार्यालय को वापस कर दिया था। विजिलेंस अधिकारियों ने इस संबंध में विभागीय पत्राचार, निरीक्षण रिपोर्ट और मशीन वापस करने के कारणों की जानकारी ली।
शिक्षा मंत्रायल को भेजी गई रिपोर्ट
मंत्रालय को भेजी गई शिकायतों में सीएसआर फंड से खरीदी गई मशीनों की खरीद प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति, गुणवत्ता परीक्षण और वित्तीय नियमों के पालन पर सवाल उठाए गए हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर विजिलेंस टीम ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी मांगी। टीम ने संबंधित विभागों से कुछ अतिरिक्त अभिलेख भी उपलब्ध कराने को कहा है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


