बेनामी संपत्तियों की बिक्री कर अतीक के परिवार तक लाभ पहुंचा रहे गुर्गे, जांच हुई शुरू
प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से जुड़े बेनामी संपत्तियों की जांच तेज हो गई है। आरोप है कि अनुसूचित जाति के लोगों की संपत्तियां अतीक के करीबी राजीव नागर के नाम पर लिखवाई गईं हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है जो जांच करेगी।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के करीबियों से जुड़ी बेनामी संपत्तियों की जांच एकबार फिर तेज हो गई है। सदर तहसील के शाह उर्फ पीपलगांव और दामूपुर में अनुसूचित जाति के लोगों की संपत्तियां कथित तौर पर अतीक अहमद के करीबी राजीव नागर के नाम लिखवाए जाने और वर्तमान में उनकी खरीद-फरोख्त कर माफिया के परिवार तक लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है। इन आरोपों की स्थलीय और अभिलेखीय जांच के लिए राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई है।
जांच की प्रक्रिया
एसडीएम सदर की ओर से जारी पत्र में चक निरातुल निवासी राजीव नागर के संबंध में गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि राजीव नागर के नाम मौजा शाह उर्फ पीपलगांव और दामूपुर में अनुसूचित जाति के लोगों की बेनामी संपत्तियां लिखवाई गईं। इन संपत्तियों का आज भी क्रय-विक्रय किए जाने और उससे प्राप्त धनराशि अतीक के गुर्गों व रिश्तेदारों के माध्यम से माफिया के परिवार तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार दक्षिणी पीयूष कुशवाहा की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें एयरपोर्ट थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक अमर सिंह, शाह उर्फ पीपलगांव के लेखपाल मनीष कुमार और दामूपुर के लेखपाल प्रतीक पांडेय शामिल हैं।
संयुक्त टीम का कार्य
टीम को राजीव नागर के नाम दर्ज संपत्तियों के दस्तावेज, भूमि के स्वामित्व, खरीद-बिक्री और वर्तमान स्थिति की जांच करनी है। साथ ही यह भी सत्यापित किया जाना है कि संबंधित जमीनें वास्तव में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की थीं या नहीं और उनके हस्तांतरण में किसी नियम-कानून का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
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गठित टीम को सात दिन के अंदर जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- मनीष शांडिल्य, डीसीपी नगर।


