इंजीनियर पर शोषण के आरोपों के लिए जांच टीम गठित
लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदारों के शोषण और भुगतान में देरी के आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है। शिकायत में कहा गया था कि अधिशासी अभियंता ने आर्थिक उत्पीड़न और धन के दुरुपयोग के गंभीर मामले उठाए। जांच की अध्यक्षता स्टाफ ऑफिसर करेंगे और इसमें अन्य अभियंता भी शामिल रहेंगे।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता पर ठेकेदारों के शोषण, भुगतान में अनावश्यक देरी, हेड बदलकर धन के दुरुपयोग और विभिन्न मदों में अवैध वसूली के आरोपों की जांच के लिए विभाग ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। बरेली कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने 17 जनवरी 2026 को प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग सहित विभागीय अधिकारियों को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता द्वारा ठेकेदारों का आर्थिक और प्रशासनिक उत्पीड़न किया जा रहा है। शिकायत में कार्यों के भुगतान में देरी, वेरिएशन और एक्सटेंशन के नाम पर आपत्तियां लगाकर वसूली, नई निविदाओं में भुगतान की मांग, बजट के नाम पर धन वसूली तथा हेड बदलकर धन खर्च किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्य अभियंता, बरेली क्षेत्र ने अधीक्षण अभियंता, बरेली वृत्त को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। इसके बाद अधीक्षण अभियंता ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में स्टाफ ऑफिसर को अध्यक्ष तथा अपर अभियंता (यांत्रिक), एक सहायक अभियंता और एक लेखाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। अधिकारियों का कहना था कि पूर्व में शिकायतें हुई थी। इस पर एक्सईएन आरोपों को खंडन किया है।


