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देशPNB घोटाला मामला: नीरव मोदी के भाई के खिलाफ इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Shankar
Fri, 13 Sep 2019 02:27 PM
PNB घोटाला मामला: नीरव मोदी के भाई के खिलाफ इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस

इंटरपोल ने दो अरब डॉलर के पीएनबी घोटाला मामले में मुख्य आरोपी नीरव मोदी के छोटे भाई नेहल मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि धन शोधन के आरोपों पर बेल्जियम के नागरिक नेहल (40) के खिलाफ वैश्विक गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। धन शोधन मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है।

इंटरपोल या अंतरराष्ट्रीय पुलिस द्वारा जारी आरसीएन के अनुसार, नेहल दीपक मोदी का जन्म बेल्जियम के एंटवर्प में तीन मार्च 1979 को हुआ और वह अंग्रेजी, गुजराती तथा हिंदी भाषाएं जानता है। किसी भगोड़े के खिलाफ जारी अपने आरसीएन में इंटरपोल अपने 192 सदस्य देशों से उस व्यक्ति को अपने यहां पाए जाने पर उसे गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने के लिए कहता है जिसके बाद देश वापसी या प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।

ईडी ने इस मामले में दायर किए गए आरोपपत्र में नेहल को नामजद किया है और उस पर सबूतों को नष्ट करने तथा नीरव मोदी की उसके कथित गैरकानूनी कार्यों में ''जानते बूझते" हुए मदद करने का आरोप है। ईडी ने आरोप लगाया कि पीएनबी घोटाले के सामने आने के बाद नेहल मोदी ने नीरव मोदी के करीबी विश्वासपात्र और कार्यकारी मिहिर आर भंसाली के साथ ''दुबई से 50 किलोग्राम सोना और अच्छी खासी नकदी ली और फर्जी निदेशकों से अधिकारियों के सामने उसका नाम न लेने के निर्देश दिए।

नीरव मोदी और उसके रिश्तेदार मेहुल चोकसी पर भारत की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी के मुख्य षड्यंत्रकारी होने का आरोप है। यह बैंक धोखाधड़ी पिछले साल सामने आयी थी। आरोप है कि इस घोटाले में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।

नीरव मोदी लंदन में जेल में बंद है और भारत में अपने प्रत्यर्पण के मुकदमे का सामना कर रहा है। बताया जाता है कि चोकसी एंटीगुआ में है। इंटरपोल ने पहले धन शोधन मामले में नीरव मोदी, उसकी बहन पूर्वी मोदी और भंसाली के खिलाफ आरसीएन जारी किया था। सीबीआई भी बैंक धोखाधड़ी के इस मामले की जांच कर रही है।

 

क्या होता है रेड कॉर्नर नोटिस: रेड कॉर्नर नोटिस में इंटरपोल इसे किसी सदस्य देश के कहने पर जारी करता है। इसका मकसद सभी सदस्य देशों को यह सूचना देना होता है कि किसी खास शख्स के खिलाफ उसके देश में अरेस्ट वॉरंट जारी हो चुका है। रेड कॉर्नर नोटिस इंटरनेशनल अरेस्ट वॉरंट नहीं होता क्योंकि अरेस्ट वॉरंट जारी करने का हक संबंधित देश को है, लेकिन मोटे तौर पर इसे इंटरनेशनल यानी ग्लोबल अरेस्ट वॉरंट की तरह ही लिया जाता है। 

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