संगीत और एआई के संगम पर शोध को मिली नई दिशा
रांची में बीआईटी मेसरा में 'स्पीच और म्यूजिक में रिसर्च' विषय पर 30वां अंतरराष्ट्रीय सिम्पोजियम आयोजित किया गया। इसमें स्पीच, संगीत और एआई तकनीकों के समावेश की चर्चा हुई। कार्यक्रम में देश-विदेश के शोधकर्ताओं ने 40 शोध पत्र प्रस्तुत किए। तीन सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों को पुरस्कार दिए गए।

रांची, विशेष संवाददाता। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा (बीआईटी मेसरा) में आयोजित दो दिवसीय फ्रंटियर्स ऑफ रिसर्च इन स्पीच एंड म्यूजिक के 30वें अंतरराष्ट्रीय सिम्पोजियम का समापन शनिवार को हुआ। समझदार और समावेशी साउंड: स्पीच, संगीत और इंसानों पर केंद्रित टेक्नोलॉजी को जोड़ना, विषय पर आयोजित सिम्पोजियम का आयोजन बीआईटी मेसरा के गणित विभाग ने सर सीवी रमन सेंटर फॉर फिजिक्स एंड म्यूजिक, जादवपुर विश्वविद्यालय के सहयोग से किया। सिम्पोजियम में स्पीच, संगीत, एकॉस्टिक्स, कॉग्निटिव स्पीच और म्यूजिक प्रोसेसिंग, कम्प्यूटेशनल म्यूजिकोलॉजी और एआई आधारित तकनीकों पर चर्चा हुई। सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी, अमेरिका की प्रो स्मिता गुहा और आईआईटी बॉम्बे की प्रो प्रीति राव ने मुख्य व्याख्यान दिए।
उन्होंने स्पीच, एकॉस्टिक्स और मानव-केंद्रित तकनीकों में हो रहे समकालीन शोध पर बात की। मौके पर सिम्पोजियम के बुकलेट का विमोचन भी किया गया।दो दिवसीय आयोजन में देश-विदेश के शोधकर्ताओं ने 40 शोध पत्र प्रस्तुत किए। इनमें से तीन सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम में क्यूएमयूएल के प्रो मार्कस पियर्स सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए।


