जलवायु कार्रवाई को बाजार की ताकत बनाना समय की जरूरत: डॉ. जोसफ
रांची में जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस और इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट द्वारा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। इसमें शिक्षाविद, शोधकर्ता और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, ग्रीन मार्केटिंग, और जिम्मेदार व्यावसायिक प्रथाओं पर चर्चा हुई।

रांची, विशेष संवाददाता। जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) और इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट (आईईएम), कोलकाता की ओर से शुक्रवार को सतत विपणन मूल्य प्रदान करना (एसएमडीवी-2026), विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। इसमें देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, नीति-निर्माता व विद्यार्थी छात्र हाइब्रिड मोड में शामिल हुए। इसकी शुरुआत करते हुए एक्सआईएसएस के निदेशक डॉ जोसफ मारियानुस कुजूर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं, वर्तमान की चुनौती है। उन्होंने कहा कि ग्रीन मार्केटिंग सिर्फ छवि निर्माण नहीं, बल्कि वास्तविक बदलाव का माध्यम है और शोध, नैतिकता व सामूहिक प्रतिबद्धता के जरिए ही सतत विकास के लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
सम्मेलन का उद्देश्य
डीन एकेडमिक्स डॉ अमर एरॉन तिग्गा ने सम्मेलन को तकनीक, नवाचार और सतत विकास के समन्वय का प्रभावी मंच बताया। आईईएम-यूईएम के ग्रुप सीओओ दीप्तिमान दासगुप्ता ने ऊर्जा दक्ष डेटा सेंटर और ग्रीन कंप्यूटिंग की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि आईईएम के प्राचार्य अनुपम भट्टाचार्य ने जिम्मेदार व्यावसायिक प्रथाओं को समय की मांग बताया।
पुरस्कार एवं तकनीकी सत्र
सम्मेलन के पहले दिन बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड्स प्रदान किए गए। साथ ही क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव मार्केटिंग, ग्रीन ब्रांडिंग, सर्कुलर इकोनॉमी, सस्टेनेबल सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फिनटेक इनोवेशन, जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र व शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन अगले दो दिनों तक विभिन्न तकनीकी सत्रों, पैनल चर्चाओं और वैश्विक ज्ञान आदान-प्रदान के साथ जारी रहेगा।


