एआई विकास के तरीके को नए सिरे से करेगा परिभाषित: डॉ. संजय
यूनाइटेड यूनिवर्सिटी में बिजनेस के डिजिटल, इनोवेटिव और सस्टेनेबल फ्यूचर्स पर दो दिनी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हुआ। 170 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें भारत, अमेरिका, ईरान, मोरक्को और पुर्तगाल के प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रोफेसर डॉ. संजय एस गौर ने एआई के प्रभाव और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।

यूनाइटेड यूनिवर्सिटी में डिजिटल, इनोवेटिव और सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए बिजनेस को नए नजरिए से रीइमैजिन करने विषय पर आयोजित दो दिनी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन शनिवार को हुआ। फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट की ओर से आयोजित सम्मेलन में 170 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। भारत के साथ अमेरिका, ईरान, मोरक्को और पुर्तगाल समेत कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ऑफ मार्केटिंग डॉ. संजय एस गौर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बिजनेस के सोचने और विकास के तरीके को नए सिरे से परिभाषित करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं से बदलते वैश्विक कारोबारी माहौल के अनुरूप नई तकनीकों को समझने और अपनी क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।
प्रो. मनमोहन कृष्ण ने एआई, बिजनेस, मैनेजमेंट और भारतीय एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर विचार रखे। प्रो-चांसलर डॉ. जगदीश गुलाटी ने निरंतर प्रयास और सामूहिक प्रतिबद्धता को सफलता का आधार बताया। वाइस चेयरमैन डॉ. सतपाल गुलाटी ने विद्यार्थियों से व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और संचार कौशल पर ध्यान देने को कहा। कुलपति प्रो. एएम अग्रवाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गौरव गुलाटी, निशांत दाभाड़े, डॉ. लवली श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।


