मरीजों के पर्चे पर लिखा जाएगा बीमारी का कोड
मुजफ्फरपुर में एसकेएमसीएच में अंतर्राष्ट्रीय डिजिज ऑफ कोडिंग पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें डॉ. रंजीत कुमार ने कहा कि बीमारी के पर्चों पर कोड लिखना जरूरी है। कोडिंग से स्वास्थ्य आंकड़ों में सुधार होगा और रोगों की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एसकेएमसीएच में बुधवार को इंटरनेशनल डिजिज ऑफ कोडिंग पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें पीएमसीएच के पीएसएम विभाग के अध्यक्ष डॉ. रंजीत कुमार मुख्य वक्ता थे। कार्यशाला में क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय के उपनिदेशक जितेन्द्र कुमार भी मौजूद थे। इस दौरान कहा गया कि मरीजों के पर्चे पर अब बीमारी को कोड को लिखा जाएगा। कोडिंग से बीमारियों को समझने में आसानी होगी।डॉ. रंजीत ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में आईसीडी का सही व एकरूप उपयोग गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य आंकड़ों के संकलन तथा प्रभावी स्वास्थ्य नीति निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सभी बीमारियों की कोडिंग की जानी जरूरी है।
इससे बीमारियों के बारे सटीक आंकड़ा मिल सकता है। इस दौरान सभी डॉक्टरों कोडिंग करने के बारे में बताया गया। डॉ. रंजीत ने बताया कि डॉक्टर मरीज को बीमारी डायग्नोस करने के साथ पर्चे पर उसका कोड भी लिख दें। कोडिंग से बीमारियों का आंकड़ा बनाने में आसानी होगी और उसकी रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि रोगों की सही कोडिंग से स्वास्थ्य आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होता है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोगों के विश्लेषण, अनुसंधान और स्वास्थ्य योजनाओं के निर्माण में सहायता मिलती है। यह भी किस इलाके में कौन सी बीमारी अधिक हो रही है, इसका ब्योरा तैयार होता है। कार्यशाला में एसकेएसमीएच के प्राचार्य डॉ. कुमारी विभा, उपाधीक्षक डॉ. सतीश कुमार सिंह, मेडिसिन विभाग के डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. शैलेंद्र कुमार, शिशु रोग विभाग के डॉ. जेपी मंडल के अलावा सीबीएचआई की टीम के जूनियर सांख्यिकी अधिकारी उजाला कुमार, फरहान अहमद, राहुल कुमार मौजूद थे।


