एआई से कैंसर उपचार को मिलेगी नई दिशा
लखनऊ में एआई, सटीक कैंसर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा नवाचारों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एआईएनएफपीओएच-2के का आयोजन हुआ। 700 से अधिक प्रतिभागियों और 150 संस्थानों ने भाग लिया। सम्मेलन में 99 शोध प्रस्तुतियां हुईं। विशेषज्ञों ने कैंसर के निदान और उपचार में एआई के उपयोग पर विचार-विमर्श किया।

लखनऊ,प्रमुख संवाददाता। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सटीक कैंसर चिकित्सा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवा नवाचारों पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एआईएनएफपीओएच-2के का आयोजन एलयू के मालवीय सभागार में किया गया। सम्मेलन का आयोजन आरजीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने बीपीसीआईएल, नई दिल्ली के सहयोग से किया। सम्मेलन में 700 से अधिक प्रतिभागियों और 150 से अधिक संस्थानों की भागीदारी रही। वैज्ञानिक सत्रों में 99 शोध प्रस्तुतियां हुईं, जिनमें 83 पोस्टर और 16 मौखिक प्रस्तुतियां शामिल थीं। विशेषज्ञों ने कैंसर के निदान और उपचार में एआई के उपयोग, सटीक चिकित्सा तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार की संभावनाओं पर विचार साझा किए।मुख्य अतिथि प्रो. अभिनव श्रीवास्तव, महानिदेशक, एफएस यूनिवर्सिटी, शिकोहाबाद एवं बीपीसीआईएल केंद्रीय समिति के अध्यक्ष रहे।
कार्यक्रम में आरजीएस ग्रुप के महासचिव सावन शुक्ला और सचिव अनुकृति शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।वैज्ञानिक सत्रों में प्रो. आर.के. दीक्षित (केजीएमयू), प्रो.अनुपमा मित्तल (नाइपर) और डॉ. हिमांशु नारायण सिंह (मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर, न्यूयॉर्क) ने मुख्य व्याख्यान दिए। आईआईटी-बीएचयू के शोधार्थी अजय पाण्डेय ने तकनीकी व्याख्यान प्रस्तुत किया।सम्मेलन के संयोजक प्रो. अविनाश सी. त्रिपाठी रहे। इस अवसर पर शिक्षा, अनुसंधान, जीवन विज्ञान और औषधि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया।


