स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर केजीएमयू में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन
-12 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग -केजीएमयू में लोहिया समेत कई

-एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न ने प्रदर्शन में लिया हिस्सा
प्रदर्शन का कारण
-दीक्षांत में 19 पदक जीतने वाली मेधावी दीप्ति शर्मा भी प्रदर्शन में शामिल
लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शनिवार को केजीएमयू में एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न डॉक्टरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मौजूदा 12 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग को लेकर डॉक्टरों ने नारेबाजी की। प्रदर्शन में केजीएमयू के अलावा लोहिया संस्थान, गोरखपुर, मेरठ समेत प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर शामिल हुए। बड़ी संख्या में डॉक्टरों के जुटने से केजीएमयू परिसर में काफी देर तक माहौल गरम रहा।
डॉक्टरों की मांग
इंटर्न डॉक्टरों का कहना था कि एमबीबीएस और बीडीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद अस्पताल में इंटर्नशिप के दौरान उन्हें मरीजों की देखभाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। ओपीडी से लेकर वार्ड और इमरजेंसी तक उन्हें लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके बावजूद मिलने वाला स्टाइपेंड अन्य राज्यों और संस्थानों की तुलना में कम है। डॉक्टरों ने सरकार से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी कर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। प्रदर्शन में केजीएमयू की मेधावी इंटर्न डॉक्टर दीप्ति शर्मा भी शामिल रहीं। दीप्ति शर्मा ने केजीएमयू के दीक्षांत समारोह में चांसलर और हीवेट समेत 19 पदक हासिल किए थे। इसके बावजूद वह भी अन्य इंटर्न डॉक्टरों के साथ स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुईं।
प्रदर्शन का असर
नारेबाजी से गूंजा परिसर
प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने नारेबाजी कर अपनी मांग बुलंद की। इससे केजीएमयू परिसर काफी देर तक नारों से गूंजता रहा। प्रदर्शन के चलते अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं और कामकाज पर भी असर पड़ा। डॉक्टरों ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति पर आगे निर्णय लिया जाएगा.


