जमीयत का सद्भावना सम्मेलन में नफरत के खिलाफ एकजुटता का संकल्प
जमीयत उलेमा द्वारा आयोजित सद्भावना सम्मेलन में विभिन्न धर्मों और संगठनों के महत्वपूर्ण लोगों ने सांप्रदायिकता की निंदा की। कारी जाकिर हुसैन कासमी ने भाईचारा मजबूत करने का प्रस्ताव रखा, जबकि एड. प्रमोद त्यागी ने लोकतंत्र और एकता का समर्थन किया। सम्मेलन में युवाओं को नफरत से दूर रहने की अपील की गई।

जमीयत उलेमा के तत्वावधान में रविवार को एक गरिमय सद्भावना सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न धर्मों, सामाजिक, शैक्षिक, अधिवक्ता और किसान संगठनों के गणमान्य लोगों ने भाग लेकर देश में बढ़ रही सांप्रदायिकता और नफरत फैलाने वाली ताकतों की कड़ी निंदा की। सम्मेलन के संयोजक कारी जाकिर हुसैन कासमी ने सद्भावना प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। उन्होंने युवाओं से नफरत की राजनीति से दूर रहकर भाईचारा मजबूत करने की अपील की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड. प्रमोद त्यागी ने कहा कि जमीयत ने हमेशा लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रीय एकता का समर्थन किया है। महंत प्रवींदर धारिया ने जमीयत के देशहित के कार्यों की सराहना की।
वहीं किसान नेता कमल मित्तल ने युवाओं को सही मार्ग दिखाने और मास्टर विजय सिंह ने इस्लाम की न्याय व सहानुभूति की शिक्षाओं पर जोर दिया। सम्मेलन में मुख्य रूप से पंडित अमरपाल, ग्रंथी चंद्र सुभाष त्यागी, बुढ़ाना चेयरमैन, कपिल मलिक, मुफ्ती जुल्फिकार, मौलाना सईदुज्जमा सहित बड़ी संख्या में विभिन्न धर्मों के लोग उपस्थित रहे।


