उर्वरक विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन का प्रशिक्षण
उर्वरक विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन का प्रशिक्षण उर्वरक विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन का प्रशिक्षण

पोठिया, निज संवाददाता। डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, अर्राबाड़ी, किशनगंज के प्रशिक्षण प्रकोष्ठ द्वारा 11 से 25 सितंबर 2026 तक आयोजित “उर्वरक विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन” विषयक 15 दिवसीय स्व-वित्तपोषित आवासीय प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का अठारहवाँ एवं उन्नीसवाँ बैच आज से प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्वेता कुमारी (नोडल अधिकारी एवं पाठ्यक्रम समन्वयक-सह-प्रशिक्षण प्रभारी), द्वारा मुख्य अतिथि डॉ. के. सत्यनारायण, सह-अधिष्ठाता-सह-प्राचार्य, डीकेएसी, का पौधा भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ. श्वेता कुमारी ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने तथा किसानों के बीच संतुलित एवं वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को उर्वरक व्यवसाय के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य, पोषक तत्व प्रबंधन एवं संतुलित उर्वरक उपयोग की वैज्ञानिक समझ प्रदान करेगा, जिससे किसानों तथा कृषि क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा।
प्रशिक्षण का उद्देश्य
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने क्रमवार अपना परिचय दिया तथा अपनी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पृष्ठभूमि, अनुभव और प्रशिक्षण से संबंधित अपेक्षाओं को साझा किया। इससे प्रतिभागियों के बीच आपसी परिचय, संवाद एवं सीखने की प्रक्रिया को बेहतर दिशा मिली। मुख्य अतिथि डॉ. के. सत्यनारायण, सह-अधिष्ठाता-सह-प्राचार्य, डीकेएसी, ने अपने संबोधन में कहा कि उर्वरक कृषि उत्पादन का एक महत्वपूर्ण घटक है तथा किसानों तक गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता एवं उनके वैज्ञानिक उपयोग को सुनिश्चित करने में उर्वरक विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उर्वरक विक्रेताओं की पेशेवर क्षमता एवं तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रतिभागियों की संख्या
इस अवसर पर डॉ. सत्यप्रकाश, डॉ. सुनील (एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर) डॉ. एस. सी. पॉल (विभागाध्यक्ष, मृदा विज्ञान), डॉ. भोलानाथ साहा, डॉ. हिना परवीन, डॉ. केविन क्रिस्टोफर, श्री मनीष, डॉ. विनोद, डॉ. नागार्जुन एवं डॉ. घनश्याम ठाकुर सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से कुल 60 उर्वरक विक्रेता प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मृदा स्वास्थ्य, मृदा परीक्षण, पोषक तत्वों की आवश्यकता, संतुलित एवं समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग तथा किसानों को उचित कृषि सलाह प्रदान करने से संबंधित विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उर्वरक विक्रेताओं को किसानों तक वैज्ञानिक कृषि तकनीकों एवं समेकित पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी पहुंचाने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.


