बीमा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बने अमित माईति, सुभाष कर्ण महासचिव
बीमा कर्मचारी संघ जमशेदपुर मंडल का 53वां वार्षिक सम्मेलन माइकल जॉन ऑडिटोरियम, बिष्टूपुर में हुआ। इसमें अमित माईति को अध्यक्ष, सुभाष कर्ण को महासचिव और अशोक दास को कोषाध्यक्ष चुना गया। सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और कई प्रस्ताव पारित किए गए।

बीमा कर्मचारी संघ जमशेदपुर मंडल का 53वां वार्षिक सम्मेलन शनिवार को माइकल जॉन ऑडिटोरियम, बिष्टूपुर में हुआ। इसमें आगामी कार्यकाल के लिए अमित माईति को अध्यक्ष, सुभाष कर्ण को महासचिव और अशोक दास को कोषाध्यक्ष चुनते हुए 22 सदस्यीय सचिव मंडल का चयन किया गया। सभा की अध्यक्षता अमित माईति ने की। आईईएजेडी के महासचिव सुभाष कर्ण ने वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन और सह कोषाध्यक्ष केके शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का लेखा सभा के समक्ष रखा। इस पर साथियों ने विस्तृत चर्चा की。
मुख्य अतिथि का उद्बोधन
मुख्य अतिथि ईसीजेडआईईए के महामंत्री त्रिनाथ डोरा ने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को बचाने के लिए संगठन के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने साथियों से और अधिक सजग व सक्रिय होने की अपील की। उन्होंने विनिवेश को एलआईसी के लिए अहितकारी बताया। तृतीय व चतुर्थ वर्ग में अविलंब नई नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया और संगठन के प्रयासों से अवगत कराया। वहीं, ईसीजेडआईईए के अध्यक्ष प्रदीप मुखर्जी ने एआईआईईए के 75 वर्षों की संघर्ष यात्रा को रेखांकित किया। एआईआईईए के 75 वर्ष पूरे होने पर आईईएजेडी ने स्लोगन प्रतियोगिता कराई थी। विजेता महिमा परमार (प्रथम), रंजय राम (द्वितीय) और विवेक कुमार (तृतीय) को सम्मेलन में पुरस्कृत किया गया।
प्रतिनिधियों की भागीदारी
सम्मेलन में रांची, गुमला, डालटनगंज, चक्रधरपुर, चाईबासा समेत विभिन्न शाखाओं से 140 से अधिक प्रतिनिधियों और पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। प्रतिनिधि सत्र में 18 वक्ताओं ने विचार रखे। सभी ने संगठन के प्रति निष्ठा बनाए रखने, उसे मजबूत करने और सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। सम्मेलन में एलआईसी के पुनः विनिवेश के खिलाफ, सार्वजनिक बैंक व बीमा क्षेत्र के निजीकरण की कोशिशों के खिलाफ, नई पेंशन स्कीम रद्द कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, नए लेबर कोड रद्द करने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा बहाल करने, एलआईसी में तृतीय व चतुर्थ संवर्ग में नई नियुक्ति करने तथा एआईआईईए को मान्यता देने से संबंधित प्रस्ताव पारित किए गए।


