स्कूली छात्रों को नवाचार और रचनात्मक सोच विकसित करने का मौका
गोरखपुर, प्रशान्त मिश्रा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की योजना ‘इंसपायर-मानक 2026-27’ के लिए बुधवार से ऑनलाइन आवेदन खुल गए हैं। सरकारी और गैर सरकारी स्कूल 15 सितंबर तक अपने विद्यार्थियों के विचार नामांकित कर सकते हैं। योजना में भाग लेने के लिए कक्षा 6 से 12वीं के विद्यार्थियों को स्कूल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
गोरखपुर, प्रशान्त मिश्रा। स्कूली विद्यार्थियों में नवाचार और रचनात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख योजनाओं में से एक ‘इंसपायर-मानक 2026-27’ के लिए ऑनलाइन आवेदन बुधवार से खुल चुके हैं। तमाम सरकारी तथा गैर सरकारी स्कूल अपने विद्यार्थियों के सर्वश्रेष्ठ विचारों और नवाचारों को 15 सितंबर तक आधिकारिक पोर्टल पर नामांकित कर सकते हैं। योजना के तहत प्रति विद्यालय केवल 5 ही नामांकन स्वीकार किए जाएंगे। इंसपायर-मानक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से विद्यार्थियों को योजना से जोड़ा जा सकता है।
योजना का लाभ
इंसपायर-मानक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, योजना का लाभ देने के लिए कक्षा 6 से लेकर 12वीं (11-12 केवल विज्ञान वर्ग) तक के विद्यार्थियों के पास बेहतरीन अवसर है। इसमें कोई भी विद्यार्थी सीधा आवेदन नहीं कर सकता है। विद्यार्थियों को अपने विचारों और नवाचारों को स्कूल के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कराना होगा। योजना के तहत प्रति विद्यालय 5 नामांकन स्वीकृत किए जाएंगे, जिनमें से 11-12 (विज्ञान वर्ग) के 2 नामांकन स्वीकार होंगे।
पंजीकरण प्रक्रिया
योजना में भाग लेने के लिए विद्यालय प्रशासन को अपने 11 अंकों के यू-डीआईएसई कोड का उपयोग कर इंसपायर-मानक की आधिकारिक वेबसाइट (www.inspireawards-dst.gov.in) के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। साथ ही लॉगइन करते हुए चयनित विद्यार्थियों के नवोन्मेषी विचारों को अपलोड करना होगा। चयनित छात्रों को अपने विचार का प्रोटोटाइप या मॉडल विकसित करने और जिला स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (डीएलईपीसी) में भाग लेने के लिए 10,000 रुपये दिए जाएंगे।
प्रतिभाग करने वाले विद्यालय
सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय कर सकते हैं प्रतिभाग
इंसपायर-मानक (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन एंड नॉलेज) भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की प्रमुख योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य स्कूली छात्रों के विचारों और नवाचारों को पोषित करना और उन्हें विज्ञान तथा अनुसंधान में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल का लक्ष्य विज्ञान और सामाजिक अनुप्रयोगों पर आधारित दस लाख मौलिक विचारों/नवाचारों को एकत्रित करना है। इसके तहत, देश भर के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को आम समस्याओं पर केंद्रित मौलिक और रचनात्मक तकनीकी विचार या नवाचार भेजने और उनके समाधान स्वयं खोजने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
विशेषज्ञों की राय
ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को कुछ विशेष करने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का एक अवसर भी उपलब्ध कराते हैं। ईं कार्यक्रमों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिभाग करना चाहिए।
- अमर पल सिंह, खगोलविद, वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला गोरखपुर।


