सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हो : एनएचएआई
हिन्दुस्तान असर : पलमा-गुमला खंड एवं छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा-गुमला खंड का औचक निरीक्षण, निर्माण एजेंसियों को तय मानकों का पालन करते हुए तेजी से कार्य कर

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), क्षेत्रीय कार्यालय, रांची के क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार आर्य द्वारा परियोजना कार्यान्वयन एकाई (पीआईयू) गुमला के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पलमा-गुमला खंड एनएच-43 (ओल्ड एनएच-23) के संचालन एवं अनुरक्षण कार्यों तथा छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा-गुमला खंड (एनएच-43) के निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद क्षेत्रीय अधिकारी आर्य ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग केवल सड़क नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षित और सुगम यात्रा का माध्यम है। इसलिए निर्माण की गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा और समयबद्ध कार्य हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तय मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए तेजी से कार्य करें। एनएचएआई नियमित निरीक्षण के माध्यम से हर परियोजना की प्रगति पर नजर रख रहा है, ताकि लोगों को सुरक्षित, बेहतर और आधुनिक राजमार्ग सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। मालूम हो कि आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने पिछले दिनों ‘हाईवे पर हादसे’ नाम से अभियान चलाया था, जिसके बाद इस तरह की पहल सामने आ रही है。
सड़क के दुरुस्ती के निर्देश
पालमा-गुमला खंड के निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी ने सड़क के दोनों किनारों, मीडियन, शोल्डर और भी अधिक दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि वाहन चालकों को बेहतर दृश्यता मिले और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। उन्होंने सभी सड़क सुरक्षा उपकरणों, जैसे सोलर ब्लिंकर, हैजर्ड मार्कर, डेलिनेटर, स्टॉप साइन एवं अन्य यातायात संकेतकों को आईआरसी मानकों के आधार पर निरीक्षण करने एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही सड़क पर रोड मार्किंग, कर्ब एवं क्रैश बैरियर की पेंटिंग कराने तथा मानसून के दौरान शेष पौधरोपण कार्य पूरा करने को कहा।
निर्माण कार्य की प्रगति
इस दौरान क्षेत्रीय अधिकारी ने निर्माणाधीन छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा-गुमला खंड का भी निरीक्षण किया। समीक्षा के दौरान परियोजना की भौतिक प्रगति 8.38 प्रतिशत पाई गई। उन्होंने निर्माण एजेंसी को पर्याप्त मशीनरी, जनशक्ति और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Satyadev Yadavशॉर्ट बायो: सत्यदेव यादव पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान‘ में झारखंड के स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
सत्यदेव यादव हिंदी पत्रकारिता जगत का एक जाना-पहचाना नाम हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान दैनिक’(हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के झारखंड संस्करण में स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस भूमिका में रहते हुए वह राज्य की प्रशासनिक, राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों की व्यापक और प्रभावशाली कवरेज का नेतृत्व कर रहे हैं। एक गतिशील, परिणामोन्मुख और विश्लेषणात्मक सोच वाले पत्रकार के रूप में सत्यदेव यादव को खोजी पत्रकारिता, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और टीम मैनेजमेंट में विशेष दक्षता प्राप्त है।
करियर का सफर (ट्रेनी रिपोर्टर से स्टेट ब्यूरो चीफ तक)
सत्यदेव यादव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2003 में ‘हिन्दुस्तान दैनिक’, फरीदाबाद से ट्रेनी रिपोर्टर के रूप में की। शुरुआती वर्षों में उन्होंने विभिन्न बीट पर काम करते हुए पत्रकारिता की बुनियादी समझ और फील्ड अनुभव हासिल किया। फिर ‘अमर उजाला’, गाजियाबाद में 2005 से करीब साढ़े पांच वर्षों तक कार्य किया, जहां ट्रेनी रिपोर्टर से स्टाफ रिपोर्टर और सब-एडिटर तक का सफर तय किया। 2010 के बाद ‘हिन्दुस्तान दैनिक’ के साथ उनका सफर लगातार आगे बढ़ता गया। गाजियाबाद में सीनियर रिपोर्टर और कॉपी एडिटर रहने के बाद वह गुरुग्राम और नोएडा में सिटी चीफ रिपोर्टर बने। 2017 से वह रांची में कार्यरत हैं। स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में रणनीति और टीमवर्क के जरिए झारखंड सरकार के 35 से अधिक विभागों की सफल कवरेज सुनिश्चित कर रहे हैं।
नेतृत्व, कंटेंट और विजन
स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में सत्यदेव यादव न सिर्फ टीम का नेतृत्व करते हैं, बल्कि स्टोरी चयन, कंटेंट पैकेजिंग और एडिटोरियल दिशा तय करने में भी उनकी अहम भूमिका होती है। वह अपनी टीम को हमेशा फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और ग्राउंड-लेवल वेरिफिकेशन पर जोर देने के लिए प्रेरित करते हैं।
उनका मानना है कि पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता होती है, और यही सोच उनके काम और नेतृत्व में साफ झलकती है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सत्यदेव यादव ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और जर्नलिज़्म एवं मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक हैं।
विशेषज्ञता
खोजी पत्रकारिता और ग्राउंड रिपोर्टिंग
राजनीतिक विषयों पर विश्लेषण
वन पर्यावरण, वन्य जीव
बिजली, रिन्यूबल एनर्जी
शहरी मुद्दे, ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टिंग


