बांका: मशरूम से बदली तकदीर, हजारों किसानों की प्रेरणा बनीं रिंकू देवी
बांका की रिंकू देवी ने मेहनत और नवाचार के बल पर कृषि क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। अब तक उन्होंने 4000 से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया है। उनकी सफलता ने क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया है।

बांका, एक संवाददाता। मेहनत, लगन और नवाचार के बल पर बांका के8 रिंकू देवी ने कृषि क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन को आजीविका का माध्यम बनाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि हजारों किसानों के लिए प्रेरणा भी बन गई हैं। प्रशिक्षण से शुरू हुआ उनका सफर आज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। रिंकू देवी ने आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए मशरूम की व्यावसायिक खेती शुरू की और इसके साथ मधुमक्खी पालन को जोड़कर आय के नए स्रोत विकसित किए। उनकी सफलता को देखते हुए आसपास के किसानों ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाना शुरू किया।
अब तक वह 4000 से अधिक किसानों, महिलाओं और युवाओं को मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन तथा स्वरोजगार से संबंधित प्रशिक्षण दे चुकी हैं। कृषि में उत्कृष्ट योगदान के लिए रिंकू देवी को कई सम्मान और पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। उनका कहना है कि खेती में नई तकनीकों को अपनाकर कम लागत में बेहतर आमदनी हासिल की जा सकती है। आज रिंकू देवी आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और कृषि नवाचार की सशक्त मिसाल बनकर किसानों को नई राह दिखा रही हैं।


