शिक्षक सम्मान: राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए मधु कुमारी हुई चयनित
शिक्षक सम्मान: राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए मधु कुमारी हुई चयनित शिक्षक सम्मान: राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए मधु कुमारी हुई चयनित

खगड़िया। निज प्रतिनिधि जिले से इस साल राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षिका मधु कुमारी चयनित हुई है। गोगरी प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय, जयंती ग्राम औता की विद्यालय की अध्यापिका मधु कुमारी शिक्षा में नवाचारी प्रयोग के कारण आगामी पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर राजकीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किए जाएंगे। इससे पहले राज्यस्तरीय टीएलएम मेला में अंग्रेजी विषय में वे चौथा पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। वे बिहार गौरव सम्मान से भी सम्मानित हो चुकी हैं। साथ ही टीचर ऑफ मंथ पुरस्कार भी पा चुकी है। शिक्षिका मधु बताती हैं कि वे शिक्षा को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे गतिविधियों, प्रयोगों, कला और नवाचार से जोड़कर बच्चों के लिए रोचक एवं आनंददायी बना रही है।
सीमित संसाधनों के बीच वेस्ट मटेरियल से उपयोगी एवं आकर्षक शिक्षण-अधिगम सामग्री तैयार कर कठिन अवधारणाओं को सरल बनाने की उनकी कार्य शैली विशेष रूप से बच्चों के लिए उल्लेखनीय रही है। नवाचारी शिक्षिका मधु कुमारी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी रचनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ साहित्य में भी सक्रिय पहचान रखती हैं। जिले के मानसी प्रखंड अन्तर्गत राजाजान गांव निवासी मधु के ससुर सेवानिवृत्त हेडमास्टर ब्रजेन्द्र नारायण राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं। मधु के पिता डॉ. विजेंद्र कुमार विद्यार्थी सेवानिवृत्त सीएमओ रहे हैं। उनकी मां स्वर्गीय उर्मिला विद्यार्थी का भी शिक्षा से लगाव रहा है। वही उनके पति ई. प्रवीण कुमार प्रशासनिक सेवा में अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनका पूरा परिवार शिक्षा से जुड़े हैं। इधर उनके चयन पर डीएम विक्रम विरकर व डीईओ अमरेंद्र कुमार गोंड ने शुभकामनाएं दी है। साथ ही जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार रोशन, स्कूल के प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार, प्रधानाध्यापिका अनुराधा कुमारी, प्रो. नवीन कुमार, शिक्षक नवनीत कुमार, रंजन कुमार रवि आदि ने भी चयन पर प्रसन्नता जताते हुए बधाई दी है।मधु वर्ष 2014 में बनी शिक्षिका: शिक्षिका के रूप में मधु ने साल 2014 से अपनी जर्नी शुरू की। तब वे टीईटी उत्तीर्ण के बाद गोगरी में प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के पद पर बहाल हुई थी। इसके बाद बीपीएससी टीआरई वन में प्राइमरी स्कूल में विद्यालय अध्यापक के पद पर पदस्थापित हुई। इससे पहले वे एचडीएफसी बैंक में शाखा प्रबंधक के पद पर थी। इसी दौरान एक दुर्घटना के बाद उन्होंने उस नौकरी से त्यागपत्र देकर शिक्षा क्षेत्र के लिए खुद को चुना। वे रसायन विज्ञान से स्नातक के बाद एमबीए की है। उनकी प्रकाशित कृतियों में प्रज्ञास्वर स्त्री चेतना आधारित काव्य संग्रह तथा युग गाथा रामायण और महाभारत के महत्वपूर्ण पात्रों पर आधारित काव्यात्मक प्रस्तुति है। इसके अतिरिक्त चॉक पेंसिल कहानी संग्रह में उन्होंने लेखिका के रूप में योगदान दिया है। उनकी आगामी पुस्तक सीखो की उड़ान के संपादन का दायित्व भी उन्हें प्राप्त हुआ है।


